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देखने में बिल्कुल नमक जैसा सफेद, खाद में होता है यूज, जानिए दिल्ली ब्लास्ट में ताबाही मचाने वाले अमोनियम नाइट्रेट की ABCD

दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच कर रही है. इस जांच में एक बात साफ हो चुकी है दिल्ली में हुए इस ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है. आइए हम आपको इस लेख में अमोनियम नाइट्रेट के बारे में विस्तार से बताते हैं.

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देखने में बिल्कुल नमक जैसा सफेद, खाद में होता है यूज, जानिए दिल्ली ब्लास्ट में ताबाही मचाने वाले अमोनियम नाइट्रेट की ABCD

Delhi Car Blast

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Delhi Car Blast: दिल्ली कार ब्लास्ट में अभी किसी भी सवाल का ठीक तरह से जवाब नहीं मिल पा रहा है. हर सवाल अपने आप में कई राज संजोय हैं. लेकिन ये बात जरूर सामने आ गई है कि इस ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है. दिल्ली धमाके से पहले फरीदाबाद में भी अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ, जो खाद के साथ-साथ ANFO विस्फोटक में भी इस्तेमाल होता है. इसे लेकर देश में एक कानून भी है, लेकिन फिर भी हमेशा इसके गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है और दिल्ली ब्लास्ट में वही हुआ है. चलिए जानते है इस सफेद पाउडर की पूरी ABCD.

फसलों पर छिड़काव

आप सब ने कभी न कभी इसे जरूर देखा होगा. असल में ये एख तरह का नमक होता है जो पानी में आसानी से घुल जाता है. इसी वजह से इसका घोल  बनाकर फसलों पर छिड़काव करते है. अमोनिया और नाइट्रिक ऐसिड के रिएक्शन से अमोनियन नाइट्रेट तैयार किया जाता है. इसी लिए इसमें नाइट्रोजन की मात्रा पाई जाती है और नाइट्रोजन पौधों के लिए बहुत जरूरी होता है. नाइट्रोजन की वजह से अच्छी पैदावार होती है. इसलिए खाद के रुप में ये कई फसलों में इस्तेमाल किया जाता है. नमक की तरह सफेद क्रिस्टल वाले इस केमिकल का फ़ॉर्मुला NH4NO3 होता है. 

नाइट्रोजन के साथ-साथ ऑक्सिजन भी निकलती है

लेकिन इसकी मेडिकल डिटेल में ना जाते हुए ये समझते है कि आखिर इससे विस्फोट कैसे हो सकता है. दरअसल इसकी एक ख़ासियत होती है कि ये इससे नाइट्रोजन के साथ-साथ ऑक्सिजन भी निकलती है और ऑक्सीजन निकलने का मलतब है कि इसमें विस्फोट हो सकता है. क्योंकि किसी भी पदार्थ को जलने, फटने यानी आग लगने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है. अब अमोनियम नाइट्रेट की कमजोरी समझिए चाहे विशेषता पर इससे ऑक्सीजन तो भरपूर मात्रा में निकलती है. लेकिन सबसे अहम बात ये है कि ये खुद विस्फोट नहीं कर सकता यानी कि ये अपने आप नहीं फटता बल्कि इसे विस्फोट करने के लिए किसी और विस्फोटक की मदद लेने पड़ती है. 

एक बार हुआ विस्फोट तो संभालना मुश्किल

लेकिन अगर एक बार ये विस्फोट हो गया तो विकराल रूप ले लेता है और फिर इसे संभालना मुश्किल हो जाता है. जब तक इसमें विस्फोटक ना मिलाया जाए ये एक नमक की तरह ही शांत रहता है, इसलिए इसको आसानी से स्टोर किया जा सकता है. यानी अगर इसे किसी विस्फोटक से या आग से बचाकर रखा जाए तो इसमें अपने आप आग लगना बहुत ही मुश्किल है. लेकिन इसमें डीज़ल या पेट्रोल या केरोसीन मिलाकर विस्फोटक बनाया जाता है जिसको कहते हैं ANFO, यानी अमोनियम नाइट्रेट फ़्यूएल ऑयल. ये विस्फोट खदानों में विस्फोट कर के खुदाई करने के काम में इस्तेमाल किया जाता है. यानी फ़्यूएल ऑयल यानी डीज़ल की तरह का कोई तेल मिलाकर ये बहुत ही शक्तिशाली विस्फोटक बन जाता है. 

क्या है नियम

अब थोड़ा नियम की बात कर लेते हैं. चूंकी ये देश में खाद की तरह इस्तेमाल होता है और लगभग सभी किसान भाई इसका उपयोग करते हैं. इसलिए इस पर किसी भी तरह का बैन नहीं है. वहीं ये किसी बम की तरह भयानक तरीके से विस्फोट हो सकता है. इसलिए इसकी ख़रीद-फ़रोख़्त पर काफ़ी सख़्त नियम लागू हैं. गौर करने वाले बात ये है कि अभी तक अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कई आतंकी घटनाओं में किया गया है. इसी जवह से भारत में भी 2012 में क़ानून बनाया गया था कि कोई भी चीज़ जिसमें 45% से ज़्यादा अमोनियम नाइट्रेट होगा उसको क़ानूनी तौर पर विस्फोटक माना जाएगा. यानी इसको बनाने के लिए लाइसेंस चाहिए होता है. इसको बेचने के लिए लाइसेंस चाहिए होता है.

सबका रिकॉर्ड करना पड़ता है चेक 


इतना ही नहीं इसको स्टोर करने के लिए लाइसेंस चाहिए होता है. इसको जिसको बेचा जाता है, उसका पूरा रिकॉर्ड रखना पड़ता है. कहां से आया, किसको दिया, सबका रिकॉर्ड रखना पड़ता है. कहां इस्तेमाल हुआ उसका रिकॉर्ड रखना पड़ता है. 

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