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Delhi Bomb Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट केस का आरोपी डॉक्टर आदिल पैसों के लिए था बेताब, व्हाट्सएप चैट से खुले कई राज

बम ब्लास्ट के आरोपी आतंकवादी डॉ अदील की व्हाट्सएप चैट्स देखी गई हैं और उनमें से कुछ में उनकी आर्थिक स्थिति का ब्यौरा है. उन्होंने बताया कि ये महत्वपूर्ण बातचीत उनके मोबाइल फोन से डिलीट कर दी गई हैं.

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Delhi Bomb Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट केस का आरोपी डॉक्टर आदिल पैसों के लिए था बेताब, व्हाट्सएप चैट से खुले कई राज
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दिल्ली लाल किला बम ब्लास्ट के आरोपी डॉ अदील अहदम की व्हाट्सएप चैट को रिकवर किया गया है. इससे एजेंसी को कई ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे आरोपी की तह का पता लगाया जा सकता है. इन्हीं में से एक पैसों की जरूरत है. आदिल के व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि वह नई दिल्ली में लाल किला विस्फोट से एक महीने पहले पैसे के लिए बेताब था.

सूत्रों की मानें तो डॉ. अदील की व्हाट्सएप चैट्स देखी गई हैं और उनमें से कुछ में उनकी आर्थिक स्थिति का ब्यौरा है. उन्होंने बताया कि ये महत्वपूर्ण बातचीत उनके मोबाइल फोन से डिलीट कर दी गई हैं. सूत्रों ने बताया कि नई प्राप्त चैट में अदील की पैसों के लिए बेचैनी साफ़ दिखाई दे रही है, क्योंकि वह बार-बार पैसे, या यूँ कहें कि अपनी सैलरी में एडवांस मांग रहा था. उन्होंने यह भी साफ़ तौर पर कहा है कि उसे "पैसों की सख़्त ज़रूरत" थी.

सितंबर माह की है चैट

बताया जा रहा है कि आदिल की व्हाट्सएप चैट सितंबर की शुरुआत के 5, 6, 7 और 9  तारीख की है. उन्होंने कहा कि इन तत्काल वित्तीय अनुरोधों और कथित साजिश के बीच एक संबंध है.जांच कर रहे एजेंसी का दावा है कि हो सकता है आदिल अपनी प्लानिंग को अंजाम देने के लिए यह रकम मांग रहा हो, उन्होंने बताया कि आरोपी की प्लानिंग को अंजाम देने के लिए कुल 26 लाख रुपये इकट्ठा किए गए थे, जिसमें से अदील ने 8 लाख रुपये दिए थे.

उमर को ​शरण देने वाला आरोपी गिरफ्तार 

वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट में शामिल हमलावर डॉ. उमर उन नबी को शरण देने के आरोप में फरीदाबाद से धौज निवासी सोयब को गिरफ्तार किया है.एनआईए ने कहा कि उसने न केवल डॉ. उमर को रहने की जगह दी, बल्कि हमले से पहले इसमें उसकी मदद भी की. अधिकारियों ने बताया कि इस हालिया गिरफ्तारी से एजेंसी को बम विस्फोट के पीछे के नेटवर्क को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है. एनआईए अभी भी सुरागों का पीछा कर रही है और स्थानीय पुलिस की मदद से और अधिक संदिग्धों की तलाश में अलग अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है. 

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