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फरीदाबद में पकड़े गए 8 संदिग्धों में से एक अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई ने पूछताछ में बताया कि इस धमाके की साजिश उमर नबी ने रची थी.
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, कार चालाक संदिग्ध आतंकी डॉक्टर उमर नबी की 6 दिसंबर को दिल्ली को दहलाने की साजिश थी. वह बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर धमाका करके भारत सरकार को बड़ा संदेश देना चाहता था. लेकिन फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक सामग्री की वजह से उसको पहले ही धमाका करना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को शाम 6 बजकर 52 मिनट पर एक i20 कार में धमाका हुआ था. जांच में पता चला है कि इस कार को उमर नबी ही चला रहा था, जो खुद भी इस धमाके में मारा गया. वहीं, 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा घायल हो गए. जांच में सामने आया है कि कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला 28 वर्षीय उमर नबी इस मॉड्यूल का हिस्सा था.
समय से पहले क्यों किया विस्फोट?
फरीदाबद में पकड़े गए 8 संदिग्धों में से एक अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि इस धमाके की साजिश उमर नबी ने रची थी. उसके इशारे पर ही विस्फोटक सामाग्री मंगाई गई थी. मुजम्मिल के कमरे से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था. इस बरामदी की सूचना मिलने से उमर नबी घबरा गया और उसने समय से पहले ही विस्फोट कर दिया.
फरीदाबाद से लाल कार बरामद
वहीं, पुलिस ने उस लाल कार को खोज निकाला है, जिसकी धमाके के बाद तलाश की जा रही थी. जांच में पता लगा है कि i20 के अलावा Ford Ecosport कार का इस्तेमाल भी इस धमाके में हुआ था. जिसकी कई सीसीटीवी फुटेज सामने आई. पुलिस इस DL10CK0458 नंबर की ईकोस्पोर्ट कार की तलाश कर रही थी. फरीदाबाद पुलिस ने इस संदिग्ध कार को खंदावली गांव बरामद कर लिया है. यह कार किसी उमर नाम के शख्स के नाम पर रजिस्टर्ड थी.
बता दें कि NIA ने धमाके की जांच के लिए ADG विजय सखारे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है. इसमें एक आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल होंगे.
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