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Delhi Election: AAP-BJP या कांग्रेस, यमुना पार में चलेगा किसका सिक्का? जानें 20 सीटों का सियासी गणित

Delhi Election: दिल्ली में विधानसभा के चुनाव को लेकर पार्टियां सभी इलाकों में अपना दमखम दिखाने के जद्दोजहद में हैं. ऐसे में सबसे खास हो जाता है यमुना पार के सियासी समीकरण. कहा भी जाता है कि दिल्ली पर धाक जमाने का रास्ता दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र यानी यमुना पार से ही होकर गुजरता है. पढ़िए रिपोर्ट.

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Delhi Election: AAP-BJP या कांग्रेस, यमुना पार में चलेगा किसका सिक्का? जानें 20 सीटों का सियासी गणित

भारतीय मतदाता (सांकेतिक तस्वीर)

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Delhi Election 2025: दिल्ली में विधानसभा के चुनावों को लेकर सियासी उठा-पटक जारी है. सभी पार्टियों की ओर से इसको लेकर बड़े स्तर तैयारियां चल रही हैं. दिल्ली की बात करें तो पिछले चुनावों में कांग्रेस के कमजोर होने और आप के ताकतवर होने से मुकाबला दो तरफा हो गया है. खासकर आप और बीजेपी के बीच बड़ी लडाई देखने को मिलती है. वहीं काग्रेस भी इस बार के चुनावी समय में पूरे जोरोशोरो से मैदान में उतरी हुई है. विधानसभी के चुनाव के मद्देनजर पार्टियां सभी इलाकों में अपना दमखम दिखाने के जद्दोजहद में हैं. ऐसे में सबसे खास हो जाता है यमुना पार के सियासी समीकरण. कहा भी जाता है कि दिल्ली पर धाक जमाने का रास्ता दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र यानी यमुना पार से ही होकर गुजरता है.

क्या है यमुना पार का सियासी गणित?
यमुना पार के सियासी समीकरण की बात करें तो यहां के कई बड़े मुद्दे प्रासंगिक हैं. खासकर बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ और शिक्षा यहां का एक बड़ा मुद्दा है. इस इलाके के जातीय गणित को देखें तो ब्राह्मण, गुर्जर, पंजाबी, खतरी, वैश्य, मुस्लिम और दलित बड़ी संख्या में मौजूद हैं. इस इलाके में पूर्वांचली और उत्तराखंडी मतदाताओं की भी अच्छी पैठ है. दिल्ली का सबसे बड़ा बाजार गांधी नगर भी यहीं पर स्थित है. इस क्षेत्र की 20 सीटों पर इस बार कई अहम मुद्दे हावी रहने वाले हैं. इनमें कच्ची कॉलोनियां, वाटर सप्लाई की दिक्कत, स्वच्छता, ट्रैफिक की समस्या, सड़कों का अतिक्रमण शामिल हैं.

यमुना पार की 20 सीटें
यमुना पार इलाके में 20 विधानसभा की सीटें हैं. इनमें त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, सीमापुरी, रोहतास नगर, सीलमपुर, घोंडा, बाबरपुर, गोकलपुर, मुस्तफाबाद, करावल नगर, राड़ी, तिमारपुर, जंगपुरा, ओखला शामिल हैं. 2020 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में इस इलाके में आप पार्टी को बड़ी फतेह हासिल हुई थी. पिछली बार आम आदमी पार्टी के खाते में यहां से 14 सीटें आई थीं. साथ ही 52%  मत प्राप्त हुआ था. वहीं दूसरे स्थान पर बीजेपी रही है, जिसके पाले में 6 सीटें आई थीं. बीजेपी को यहां 41% मत प्राप्त हुए थे. हासिल किया. वहीं कांग्रेस के खाते में शून्य सीटें रहीं. साथ ही उसे महज 5% मत प्राप्त हुए थे. 2013 के विधानसभा के चुनाव से पहले जबकि ये इलाका कांग्रेस का गढ़ माना जाता था. पार्टी को यहां वर्चस्व हासिल था.


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