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Rajouri Encounter: जम्मू-कश्मीर में पिछले 2 साल में 8 बड़े हमले, 26 सैनिकों समेत कुल 35 लोगों की गई जान

Jammu Kashmir Terrorist Attack: राजौरी में शुक्रवार को आतंकी विस्फोट में सेना के 5 जवान शहीद और मेजर रैंक का एक अधिकारी घायल गया हो गया था.

Rajouri Encounter: जम्मू-कश्मीर में पिछले 2 साल में 8 बड़े हमले, 26 सैनिकों समेत कुल 35 लोगों की गई जान
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डीएनए हिंदी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के घने जंगली क्षेत्र में जारी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने शनिवार को एक आतंकवादी को मार गिराया, जिसके बारे में माना जाता है कि वह इस साल की शुरुआत में धांगड़ी गांव में आम लोगों पर हुए हमले में शामिल था. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों-राजौरी और पुंछ में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने पहुंचे. राजौरी में शुक्रवार को आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में सेना के 5 जवान शहीद और मेजर रैंक का एक अधिकारी घायल गया हो गया था. घाटी में लगभग 2 साल में यह आठवां बड़ा हमला था.

कांडी वन में सेना के ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के दौरान शनिवार मुठभेड़ में एक आतंकवादी संभवत: घायल हो गया. जम्मू में सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, ‘राजौरी सेक्टर के कांडी वन में जारी सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त अभियान में सुबह करीब 7 बजे आतंकवादियों की घेराबंदी की गई. इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी को ढेर कर दिया गया और एक आतंकवादी संभवत: घायल हुआ है. उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादी के पास से एके-56 राइफल, चार मैगजीन, 56 गोलियां, 9 एमएम का एक पिस्तौल, उसके तीन मैगजीन और तीन ग्रेनेड बरामद किए गए हैं.

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अब तक कुल  26 सैनिक शहीद
राजौरी और पुंछ जिलों में आतंकवादियों द्वारा अक्टूबर 2021 से लेकर अब तक किए गए 8 हमलों में 26 सैनिकों सहित कुल 35 लोगों की जान गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ ने राजौरी जिले के कांडी वन क्षेत्र में शुक्रवार को सेना के आतंकवाद-विरोधी अभियान के दौरान आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में 5 जवानों के शहीद होने के एक दिन बाद इलाके का दौरा किया. अधिकारियों ने बताया कि राजनाथ कुछ देर जम्मू में रुके और फिर सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे व जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ राजौरी में ‘एस ऑफ स्पेड्स डिवीजन’ मुख्यालय पहुंचे.

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संगठन ‘पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट’ (पीएएफएफ) ने शुक्रवार के हमले की जिम्मेदारी ली है. अधिकारियों ने कहा कि तलाशी अभियान को आसपास के क्षेत्रों में विस्तार दिया गया है और खराब मौसम के बावजूद अभियान जारी है. उन्होंने कहा कि मारे गए आतंकवादी के शव को घटनास्थल से हटा दिया गया और उसका पोस्टमॉर्टम भी किया गया. अधिकारियों ने कहा कि मारे गए आतंकवादी की पहचान के लिए बुलाए गए बथुनी गांव के कुछ लोगों ने कहा कि वह उस समूह का हिस्सा था जो क्षेत्र में सक्रिय था और माना जाता है कि एक जनवरी को धांगड़ी हमले के पीछे उसका हाथ था. इस हमले में 7 लोगों की मौत हुई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे.

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बहादुर जवानों से की बातचीत- राजनाथ
इस दौरान उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में शामिल सैनिकों से संवाद भी किया. रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, ‘जम्मू कश्मीर के राजौरी में आज सेना के आधार शिविर का दौरा किया. सीमा पर अभियानगत क्षमताओं और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया. भारतीय सेना के बहादुर जवानों से भी बातचीत की. भारत हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके समर्पण को सलाम करता है.’ उन्होंने बताया कि उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, व्हाइट नाइट कोर के कोर कमांडर और जम्मू के मंडल आयुक्त ने भी राजनाथ के साथ राजौरी का दौरा किया. अधिकारियों के अनुसार, जम्मू लौटने से पहले रक्षा मंत्री को कांडी वन क्षेत्र में चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर खासकर राजौरी और पुंछ में समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. (भाषा इनपुट के साथ)

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