भारत
बंगाल की खाड़ी के ऊपर दवाब बनने के कारण मोंथा नाम की मुसीबत उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ रही है. इसे देखने हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिए है. आइए जानते है.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र रविवार को और अधिक निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है. ये चक्रवात धीरे-धीरे पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहा है. इस खतरे को देखते हुए उड़ीशा सरकार ने सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा है. खबर है कि इस तूफान का असर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिलेगा. बता दें इस तूफान का नाम मोंथा रखा गया है. आंध्र प्रदेश सरकार ने मोंथा चक्रवात के आने की संभावना के चलते राहत और आवश्यक आपूर्ति के लिए एक कार्य योजना तैयार की है, सेना भी अलर्ट मोड पर हैं.
कब टकराएगा ये चक्रवात
भारती मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवाती तूफान के आंध्र प्रदेश तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास से मंगलवार (28 अक्टूबर) की शाम या रात्रि के समय टकरा सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 110 किमी प्रति सेकेंड या इससे ज्यादा भी हो सकती है. इतना ही विभाग ने कहा कि ओडिशा में 28 और 29 अक्टूबर को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी. वहीं पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है.
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
आईएमडी ने ओडिशा के कई दक्षिणी और तटीय जिलों के लिए ‘रेड’, ‘ऑरेंज’ और ‘येलो अलर्ट’ जारी किए हैं. ओडिशा में कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है. ओडिशा के मंत्री ने कहा कि भारी बारिश और सतही हवाओं के कारण कई इलाकों के प्रभावित होने की आशंका के कारण जिलाधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को निकालने का निर्देश दिया गया है. इस बीच, दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों के लगभग सात जिलों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं.
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