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चक्रवात दित्वा, जो कमज़ोर होकर गहरे दबाव में बदल गया था, सोमवार को चेन्नई में भारी बारिश लेकर आया, जिससे बाढ़ और यातायात बाधित हुआ. चक्रवात बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर की बढ़ गया है.
चक्रवात दित्वा की वजह से तमिलनाडु से लेकर चेन्नई तक जलमग्न हो गया है. इसकी वजह यहां पर भारी बारिश का होना है. इसके चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं. वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसी को देखते हुए तमिलनाडु से लेकर चैन्नई समेत कई जिलों के कॉलेज और स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है.
चक्रवात दित्वा, जो कमज़ोर होकर गहरे दबाव में बदल गया था, सोमवार को चेन्नई में भारी बारिश लेकर आया, जिससे बाढ़ और यातायात बाधित हुआ. चक्रवात बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर की ओर बढ़ा, जिसके परिणामस्वरूप उत्तरी चेन्नई और आसपास के ज़िलों के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई.
चक्रवात दित्वा के कारण भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्देश दिया है.चेन्नई की जिला कलेक्टर रोशनी सिद्धार्थ जगड़े ने घोषणा की है कि मौसम संबंधी चेतावनी के कारण जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान 2 दिसंबर को अवकाश पर रहेंगे. तिरुवल्लूर और कांचीपुरम के जिला कलेक्टरों ने भी इसी तरह के आदेश जारी किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और जलभराव की संभावना के बीच छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अवकाश घोषित किया गया है. अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और राज्य सरकार तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा जारी की गई आगे की सलाह का पालन करने का आग्रह किया है.
तमिलनाडु में चक्रवात दित्वा के कारण हुई बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है, राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने रविवार को कहा. श्रीलंका में अब तक 334 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है क्योंकि अधिकारी राजधानी कोलंबो के कुछ हिस्सों में बढ़ते बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं, एक शक्तिशाली चक्रवात ने विनाश का निशान छोड़ दिया है. इस बीच, सोमवार को भारत ने चक्रवात दित्वा से निपटने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री भेजी, जिससे द्वीप राष्ट्र में व्यापक नुकसान हुआ. बचाव अभियान एक साथ चल रहे हैं.
आईएनएस विक्रांत के चेतक हेलीकॉप्टर और भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंकाई वायु सेना के साथ समन्वय में व्यापक बचाव अभियान चलाया और गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और गंभीर रूप से घायल लोगों सहित फंसे हुए लोगों को निकाला. बचाए गए लोगों में श्रीलंका, भारत, जर्मनी, स्लोवेनिया, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक शामिल थे. 28 नवंबर को, भारत ने चक्रवात के मद्देनजर श्रीलंका को तत्काल खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया.
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