Advertisement

कितना खतरनाक है Omicron का BA.5 वेरिएंट, क्यों है अलर्ट रहने की जरूरत?

दिल्ली में कुछ सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद पता चला है कि राजधानी में ओमिक्रोन के सब वेरिएंट BA.5 से लोग संक्रमित हो चुके हैं.

कितना खतरनाक है Omicron का BA.5 वेरिएंट, क्यों है अलर्ट रहने की जरूरत?

देश से टला नहीं है कोविड की नई लहर का खतरा (फोटो-IANS)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: देश से कोविड (Covid-19) की चौथी लहर का खतरा टलता नजर नहीं आ रहा है. ओमिक्रोन (Omicron) के नए सब वेरिएंट BA.5 के केस भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में सामने आए हैं. दिल्ली में कुछ लोग BA.5 से संक्रमित हुए हैं. 

ओमिक्रोन का यह वेरिएंट भारत समेत दुनियाभर में फैला है. साल की शुरुआत में ही कुछ हिस्सों में इस वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी थी. इस वेरिएंट की प्रतिरोधक क्षमता दूसरे वेरिएंट की तुलना में ज्यादा है. एक बार फिर इस वेरिएंट की आहट ने कई चिंताओं को जन्म दिया है.

Disease X: इंग्लैंड पर मंडराया एक नई बीमारी का ख़तरा, दुनिया भर में फ़ैलने का डर

क्यों है ओमिक्रोन वेरिएंट से डरने की जरूरत?

ओमिक्रोन का नया वेरिएंट ओमिक्रोन वेरिएंट को अब रिप्लेस करता नजर आ रहा है. यह वेरिएंट ओमिक्रोन की तुलना में ज्यादा संक्रामक हो सकता है. यह कोविड संक्रमण के खिलाफ ज्यादा असरदार है.

जो लोग पहले कोविड संक्रमण का शिकार हुए हैं या जिन्हें वैक्सीन लग चुकी है, वे भी इस वेरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं. BA.5 वेरिएंट के बारे में यह दावा किया जा रहा है. 

Alzheimer Disease: कोरोना के बाद से लोगों में बढ़ी भूलने की बीमारी, जानिए इसके बारे में सब कुछ

BA.5 संक्रमण का पहला केस सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका और पुर्तगाल में सामने आया है. नवंबर 2021 में ओमिक्रोन के इस वेरिएंट का केस सामने आया था. इस वेरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर बेहद कम रही है. डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों को अस्पताल में ज्यादा भर्ती होना पड़ा था.

भारत में क्या कह रहे हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?

भारत में हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमक्रोन की तरह इस वेरिएंट के भी लक्षण हैं. इस वेरिएंट के लक्षण बेहद हल्के हैं. यह वेरिएंट तेजी से फैलता है लेकिन गंभीर रूप से किसी को बीमार नहीं करता है.

क्या हैं BA.5 के लक्षण?

सामान्य तौर पर BA.4 और BA.5 के लक्षण एक जैसे हैं. एक वेरिएंट का फॉर्मूला L452R और F486V है. वैज्ञानिकों इस वेरिएंट पर अभी और अध्ययन कर रहे हैं. Sars-CoV-2 की तरह ही यह वेरिएंट भी शरीर को नुकसान पहुंचाता है. इसका भी असर फेफड़ा और कोशिकाओं पर सबसे ज्यादा पड़ता है.

भारत में कैसे फैल रहा है यह वेरिएंट?

भारतीय प्रयोगशालाओं ने ग्लोबल GISAID रिपॉजिटरी की ओर से मिले सीक्वेंसिंग की स्टडी की है. 1 मई से लेकर अब तक 120 सैंपल में से BA.5 के कई केस सामने आए हैं. सबसे ज्यादा सैंपल तमिलनाडु और कर्नाटक से आए थे. कुल 43 केस सामने आए थे. तेलंगाना से 21, महाराष्ट्र से 11 और गुजरात से एक केस सामने आए थे. कमजोर इम्युनिटी के लोग इस वेरिएंट से आसानी से संक्रमित हो जा रहे हैं.

Ovarian Cancer in Women: कोई आम कैंसर नहीं है यह, पेट में हल्के से दर्द से होता है शुरू,जानिए इसके बारे में सब कुछ

किन लोगों के लिए है खतरनाक?

जो लोग पहले से कोविड संक्रमित नहीं थे या जिनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है ऐसे लोग सबसे ज्यादा इस वेरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं. ऐसे लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है और इसकी वजह से स्थिति सबसे ज्यादा खराब होती है. जो लोग BA.2 से संक्रमित हुए हैं उन पर इस वेरिएंट का असर कम हो सकता है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement