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'रूलिंग साइड के लिए चीयरलीडर नहीं बन सकते सभापति', जगदीप धनखड़ पर क्यों भड़की है कांग्रेस?

राज्यसभा में हुए एक मामले पर जमकर हंगामा बरपा है. विपक्ष उपराष्ट्रपति के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.

'रूलिंग साइड के लिए चीयरलीडर नहीं बन सकते सभापति', जगदीप धनखड़ पर क्यों भड़की है कांग्रेस?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़. (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इन दिनों विपक्ष के निशाने पर हैं. उन्होंने गुरुवार को राहुल गांधी के ब्रिटेन में दिए गए भाषण पर सवाल खड़े किए थे, तभी विपक्ष ने उनकी जमकर आलोचना की. कांग्रेस ने कहा कि राज्यसभा के सभापति एक अंपायर हैं और किसी भी सत्ताधारी के लिए चीयरलीडर नहीं हो सकते.

उपराष्ट्रपति ने गुरुवार को राहुल गांधी का बिना नाम लिए कहा था कि विदेशी धरती से यह कहना कि संसद में माइक बंद कर दिए जाते हैं, ये एक तरह से झूठ का प्रचार करना है. यह देश का अपमान है. उनके इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है.

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'उपराष्ट्रपति राज्यसभा के होते हैं अंपायर'

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'कुछ पद ऐसे होते हैं जिसमें हमें पूर्वाग्रह से दूर रहना होता है. हमें अपनी पार्टी की निष्ठाओं को त्यागने की जरूरत होती है. हमें हर प्रचार से खुद को दूर रखना होता है. उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के तौर पर एक अंपायर होते हैं, वह किसी पार्टी के लिए चीयरलीडर नहीं हो सकते.'

जगदीप धनखड़ के खिलाफ क्यों भड़की है कांग्रेस?

जयराम रमेश ने कहा, 'भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यालय, एक ऐसा कार्यालय है, जिसे संविधान राज्यसभा के अध्यक्ष होने की अतिरिक्त जिम्मेदारी देता है. वह सबसे प्रमुख है. राहुल गांधी पर उपराष्ट्रपति का बयान हैरान करने वाला है. जगदीप धनखड़ एक ऐसी सरकार के बचाव में उतरे, जो गलत था.'

कांग्रेस ने कहा, 'राहुल गांधी ने विदेश में ऐसा कुछ नहीं कहा है जो उन्होंने यहां कई बार नहीं कहा है. उनका बयान तथ्यों पर आधारित है और जमीनी सच्चाई बताता है. कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में विपक्षी दलों से संबंधित संसद के 12 से अधिक सदस्यों ने संसद में उनकी आवाज को दबाने का विरोध करने के लिए विशेषाधिकार हनन के नोटिस दिया है.' 

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