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राहुल गांधी ने लगाए EC पर ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप, चुनाव आयोग ने दिया सख्त जवाब

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया है. EC ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद और संविधान विरोधी टिप्पणी बताया है.

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राहुल गांधी ने लगाए EC पर ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप, चुनाव आयोग ने दिया सख्त जवाब

राहुल गांधी

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग भाजपा के लिए 'वोट चोरी' में शामिल है और उनके पास इसका ऐसा सबूत है, जो 'एटम बम' की तरह है. राहुल गांधी का दावा है कि जैसे ही यह सबूत सामने आएगा, चुनाव आयोग को कोई जगह नहीं मिलेगी छिपने के लिए. वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे एक संवैधानिक संस्था को बदनाम करने की साजिश करार दिया है.

अब हमारे पास पक्का सबूत है

दरअसल, शुक्रवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने बीते छह महीनों से एक जांच की है, जिसमें यह सामने आया है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर वोटरों की सूची में हेरफेर कर रहा है. राहुल ने कहा, 'हमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनावों में अनियमितताओं की आशंका थी. हमने अपनी जांच शुरू की और अब हमारे पास पक्का सबूत है कि EC इसमें शामिल है.'

इसके बाद चुनाव आयोग को जवाब देना मुश्किल

राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि जो भी इस 'वोट चोरी' में शामिल होगा, चाहे वह वर्तमान में पद पर हो या रिटायर हो चुका हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रविरोधी काम है और कांग्रेस इसे किसी हाल में नहीं छोड़ेगी. राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के एक लोकसभा क्षेत्र में पार्टी की जांच में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटर सामने आए हैं और जल्द ही इसका विवरण सार्वजनिक किया जाएगा. उन्होंने इसे 'एटम बम' करार देते हुए कहा कि इसके बाद चुनाव आयोग को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.


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ऐसे बयानों से प्रभावित न हों

वहीं, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. आयोग ने कहा कि वह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. आयोग के सूत्रों ने बताया कि यह आरोप न केवल निराधार हैं, बल्कि संवैधानिक संस्था को धमकाने की कोशिश हैं. आयोग ने देश के सभी मतदान कर्मियों से आग्रह किया है कि वे ऐसे बयानों से प्रभावित न हों और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहें.

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