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DK Shivakumar की याचिका पर CBI को क्यों जारी हुआ है नोटिस? क्या है वजह

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार CBI के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंच गए हैं. उनकी याचिका पर जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर दिया गया है.

DK Shivakumar की याचिका पर CBI को क्यों जारी हुआ है नोटिस? क्या है वजह

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार. (फोटो-PTI)

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डीएनए हिंदी: कांग्रेस (Congress) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shiv Kumar) ने हाई कोर्ट (High Court) का रुख करते हुए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केंद्रीय CBI की ओर से उनके खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द करने का अनुरोध किया है. जस्टिस सिद्दप्पा सुनील दत्त यादव ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई को नोटिस जारी किया. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिवकुमार की ओर से पेश वकील बीवी आचार्य और सीएच जाधव ने कहा कि तीन अक्टूबर 2020 को उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी गैरकानूनी थी. 

याचिका में कहा गया है कि शिवकुमार मामले में इकलौते आरोपी हैं लेकिन उनके परिवार के सभी सदस्यों की संपत्तियां उनकी संपत्तियों के तौर पर दिखाई गई हैं. साथ ही इसमें कहा गया है कि सक्षम प्राधिकरण से मंजूरी नहीं ली गई थी. 

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याचिका के मुताबिक सीबीआई ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच के लिए सीबीआई की नियम पुस्तिका में उल्लेखित प्रक्रिया का पालन नहीं किया. प्राथमिकी में याचिकाकर्ता की आय, संपत्तियों और खर्च का पता लगाने के लिए कोई बयान नहीं है.

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क्यों मुश्किलों में आया है डीके शिवकुमार का नाम?

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने कर्नाटक और दिल्ली में दो अगस्त 2017 को शिवकुमार की संपत्तियों की तलाशी ली थी. यह मामला बेंगलुरु में विशेष अदालत के समक्ष लंबित है. अगस्त 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग के छापे के आधार पर एक मामला दर्ज किया था. इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया है. 

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ED की नजर में हैं डीके शिवकुमार!

सितंबर 2019 में ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मनीलॉन्ड्रिंग के लिए शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा. 25 सितंबर 2019 को राज्य सरकार ने सीबीआई को शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की मंजूरी दे दी. प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने तीन अक्टूबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज की. शिवकुमार ने अब प्राथमिकी को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. (इनपुट: भाषा)

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