भारत
पिछले दो वर्षोंं में जिन कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना की उनकी युवा नेताओं ने तीखी आलोचना की है जिससे पार्टी के कई नेता नाराज है.
डीएनए हिंदी: कांग्रेस ने आज दिल्ली में मोदी सरकार (Modi Government) के खिलाफ हमला बोलते हुए दिल्ली में रैली की. इस दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महंगाई से लेकर बेरोजगारी तक के मुद्दे उठाए. भले ही राहुल मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर हो किन्तु एक अहम बात यह है कि कांग्रेस पार्टी में युवा और बुजुर्ग नेताओं का एक गुट बना हुआ है. पार्टी के बुजुर्ग दिग्गज नेता यदि किसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तारीफ कर देते हैं तो उन्हें पार्टी के ही युवा नेताओं द्वारा अपमानित होना पड़ता है और नया निशाना यूपी कांग्रेस नेता राज बब्बर आ गए हैं.
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना की तारीफ कर दी थी. इसके चलते कांग्रेस नेताओं ने राज बब्बर की तीखी आलोचना की है. लंबे समय से सक्रिय राजनीति में दूर रहे राज ने एक ट्वीट से अपनी ही पार्टी में अपनी मुसीबतें बढ़ा ली है.
राज बब्बर ने पीएम मोदी की योजना को लेकर एक ट्वीट में कहा, "पीएम जन धन योजना PMJDY ने 8 साल पूरे कर लिए. लोगों तक पैसा और मदद सीधे बिना किसी के दख़ल के पहुंचे ये क्रांति है। आधी से ज़्यादा अकॉउंट धारक महिलाएं हैं.ऐसी योजना 'आपका पैसा आपके हाथ' के नाम पर मनमोहन सरकार में भी शुरू हुई थी. मौजूदा सरकार ने कार्यन्वयन यक़ीनन बेहतर किया."
पीएम जन धन योजना PMJDY ने 8 साल पूरे कर लिए। लोगों तक पैसा और मदद सीधे बिना किसी के दख़ल के पहुंचे ये क्रांति है। आधी से ज़्यादा अकॉउंट धारक महिलाएं हैं।
ऐसी योजना 'आपका पैसा आपके हाथ' के नाम पर मनमोहन सरकार में भी शुरू हुई थी। मौजूदा सरकार ने कार्यन्वयन यक़ीनन बेहतर किया।— Raj Babbar (@RajBabbar23) September 3, 2022
राजबब्बर के इस ट्वीट पर कांग्रेस के कई नेता भड़क गए. वहीं यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि जो डर गया, वो समझो मर गया. उन्होंने कहा, "देश में महंगाई चरम पर है. आटा-तेल हर वस्तु पर जीएसटी लग गई है. यहां तक कि व्यक्ति को टॉयलेट यूज करने पर भी टैक्स देना पड़ रहा है. ऐसे में जो केंद्र सरकार की नीतियों का समर्थन कर रहा है, वह समझ लो डर गया और जो डर गया वह समझो मर गया."
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इसके साथ लल्लू ने कहा कि इस समय लोगों को आमजन के साथ खड़े होने की जरूरत है. केंद्र सरकार के खिलाफ उनकी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की जरूरत है. वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा भी भड़क गए हैं. उन्होंने कहा है कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.
गौरतलब है कि पिछले साल जिस दिन से गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े किए थे ठीक उसी दिन से उनके खिलाफ कांग्रेस के नेता आक्रामक हो गए थे. इतना ही मनीष तिवारी से लेकर शशि थरूर तक ने वैक्सीनेशन को लेकर मोदी सरकार की तारीफ की थी. इसके चलते उनकी कांग्रेस के युवा नेताओं द्वारा काफी आलोचना की गई थी. वहीं जब गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस छोड़ दी तो पीएम मोदी से उनके कनेक्शन को लेकर भी आजाद को अपमानित किया गया था.
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कुछ ऐसी ही स्थिति कांग्रेस के कथित जी-23 नेताओं को लेकर भी है क्योंकि इन सभी ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए और फिर वे दरकिनार कर दिए गए. अब ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस अपने ही दिग्गज नेताओं पर आरोप लगाकर उन्हें अपमानित करके क्या अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है जिससे पार्टी का जनाधार भी कमजोर हो सकता है.
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