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Cold Store Collapse: संभल कोल्ड स्टोर हादसे में 10 मजदूर बचाए गए, मलबे में चल रही 9 घंटे बाद भी 'जिंदगी' की तलाश

Sambhal News: उत्तर प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने का यह हाल ही में दूसरा मौका है. मेरठ में पूर्व विधायक के कोल्ड स्टोर में हादसा हुआ था.

Cold Store Collapse: संभल कोल्ड स्टोर हादसे में 10 मजदूर बचाए गए, मलबे में चल रही 9 घंटे बाद भी 'जिंदगी' की तलाश

Sambhal Cold Store Collapse

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डीएनए हिंदी: Uttar Pradesh News- उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी में आलू से भरे कोल्ड स्टोर की छत के मलबे तले 17 में से 10 मजदूर 9 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचा लिए गए हैं. मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि NDRF-SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और बाकी मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन बृहस्पतिवार देर रात भी चल रहा है. उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे की जानकारी ली है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए हैं.

कोल्ड स्टोर की छत बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक गिर गई थी, जिससे हादसे के समय स्टोर के अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे के अंदर दब गए. मलबे में 25 मजदूरों के दबे होने की बात कही गई थी, लेकिन मंडलायुक्त के मुताबिक, 17 मजदूर ही हादसे के समय कोल्ड स्टोर के अंदर थे. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 8 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है. 1 मजदूर का शव मिलने की भी खबर है, लेकिन प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है. उधर, प्रशासन और पुलिस ने मलबे से सुरक्षित निकलने वाले मजदूरों को तत्काल बेहतर उपचार देने के लिए पड़ोसी जिले मुरादाबाद के अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया है, जिससे मलबे से निकलने वाले मजदूर को एंबुलेंस से जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में हालिया दिनों में कोल्ड स्टोर की छत गिरने का यह दूसरा मौका है. मेरठ के दौराला में भी 24 फरवरी को पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह के कोल्ड स्टोर की छत बायलर में विस्फोट के कारण गिर गई थी. उस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 20 लोग घायल हुए थे.

पांच मजदूर निकाले जा चुके हैं मलबे से

हादसा संभल जिले के चंदौसी कस्बे की इस्लाम नगर रोड पर हुआ है. डीएम और एसपी खुद रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक, अब तक मलबे से 5 मजदूर निकाले जा चुके हैं. इनके नाम किशोरी (26) और भूरे (26) निवासी गांव एतोल, राम मोहन (32) और प्रेम (30) निवासी कैथल तथा मनोज (28) निवासी गांव बर्राई हैं. 

अमोनिया गैस से हो सकता था बड़ा हादसा

बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोर में क्षमता से ज्यादा आलू भरा जा रहा था. इसी कारण ओवरलोड होकर रैक गिर गए, जो अपने साथ दीवारों को भी उखाड़ लाए और छत नीचे गिर गई. इस हादसे के बाद और ज्यादा बड़ी घटना हो सकती थी, क्योंकि स्टोर में अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा था. मौके पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मास्क पहनकर अमोनिया स्टोरेज प्लांट में घुसकर उसे बंद कर दिया.

लोग भड़के, कोल्ड स्टोर के केबिन में तोड़फोड़ की

मलबे में दबे मजदूरों के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए. मलबा हटाने में देरी होने पर उन्होंने खुद ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ मलबा हटाना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने गुस्से में कोल्ड स्टोर के केबिन में भी तोड़फोड़ कर दी. लोगों की भीड़ जब आलू की बोरियां हटा रही थीं तो वहीं किनारे पर दब गया एक मजदूर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. इसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त जेसीबी मंगाई तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ. 

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