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महाकुंभ में ड्यूटी वालों को CM योगी का इनाम, पुलिसकर्मियों को एक हफ्ते की छुट्टी और सेवा मेडल व बोनस भी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए सौगात दी है. उन्होंने उन पुलिसकर्मियों को एक हफ्ते की छुट्टी देने का ऐलान किया है.

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महाकुंभ में ड्यूटी वालों को CM योगी का इनाम, पुलिसकर्मियों को एक हफ्ते की छुट्टी और सेवा मेडल व बोनस भी
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CM Yogi rewards policemen Maha Kumbh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 के समापन पर पुलिसकर्मियों को भी सौगात दी है. पुलिस के अभिनंदन कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने महाकुंभ में तैनात पुलिसकर्मियों की तारीफ की और उनके लिए एक हफ्ते की छुट्टी और कुंभ मेडल व प्रशस्तिपत्र भी दिया जाएगा. साथ ही तैनात अधिकारियों को 10 हजार का बोनस भी दिया जाएगा. साथ ही सीएम ने यह भी साफ किया है कि इन सभी महाकुंभ में पुलिसकर्मियों को अलग-अलग फेज में छुट्टियां दी जाएंगी. 

कितने कर्मी थे तैनात
बता दें, महाकुंभ में तैनात 75 हजार जवानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ सेवा मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं 10 हजार रुपए बोनस देने का ऐलान किया है. इन 75000 जवानों में यूपी पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं, सभी को एक सप्ताह का अवकाश भी मिले है.

सफाईकर्मियों को भी सौगात
सीएम योगी सरकार ने गुरुवार सुबह महाकुंभ तैनात सफाई कर्मियों के वेतन में भी बढ़ोतरी की है. अप्रैल से राज्य के सभी सफाई कर्मियों को न्यूनतम 16,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा. पहले उनका वेतन 9,000 रुपये से 11,000 रुपये प्रति माह के बीच था, लेकिन अब सभी के लिए 16,000 रुपये का एक समान वेतन ढांचा लागू किया गया है. यह नया वेतन और बोनस अप्रैल से पूरे राज्य में लागू होगा. इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए 10000 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है. वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा. 


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क्या बोले योगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं पुलिस अधिकारियों का अभनंदन करता हूं. जितनी बड़ी चुनौती थी, उतनी ऊंची चोटी पर आपने पहुंचाया है. इस आयोजन पर समस्या और समाधान के दो रास्ते थे, हमने समस्या न सोचकर समाधान के बारे में सोचा. आगे उन्होंने कहा कि पुलिस के व्यवहार की चर्चा श्रद्धालुओं ने की. पुलिस वाले रौब नहीं झाड़ते थे. जब श्रद्धालु धक्का भी देकर जाता था और आराम से बात करते थे, यह सबक है कि मित्र पुलिस भी हो सकती है. 

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