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UP में शराब के शौकीनों को योगी सरकार ने करा दी मौज, जानें नई आबकारी नीति में क्या है खास

यूपी में नई आबकारी नीति के तहत शराब और बियर के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर है . इसके साथ ही ई-लॉटरी सिस्टम से लाइसेंस आवंटन और कंपोजिट दुकानों का प्रावधान किया गया है.

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UP में शराब के शौकीनों को योगी सरकार ने करा दी मौज, जानें नई आबकारी नीति में क्या है खास
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उत्तर प्रदेश (UP) की योगी सरकार ने बुधवार को नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी, जो शराब और बियर के शौकीनों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति के तहत कई अहम फैसले लिए गए. अब प्रदेश के नागरिकों को शराब खरीदने के लिए अलग-अलग दुकानों का रुख नहीं करना पड़ेगा. एक ही दुकान पर देसी शराब, विदेशी शराब और बियर खरीदने की सुविधा मिलेगी. 

शराब और बियर के शौकीनों के लिए आसान होगी खरीदारी
नई आबकारी नीति के अनुसार, प्रदेश में अब एक ही दुकान पर देसी शराब, विदेशी शराब और बियर उपलब्ध होंगे. इससे शौकीनों को अलग-अलग दुकानों पर जाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा. हालांकि, यह अभी तय नहीं किया गया है कि शराब के दामों में कोई बदलाव होगा या नहीं. इस नीति को लागू करने में पहले देरी हुई थी क्योंकि महाकुंभ 2025 और मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के कारण आचार संहिता लागू थी. 

अब होगा ई-लॉटरी सिस्टम
उत्तर प्रदेश में अब शराब की फुटकर दुकानों के लिए लाइसेंस देने का तरीका भी बदल जाएगा. नए फैसले के तहत, देशी और विदेशी शराब की दुकानों को लाइसेंस ई-लॉटरी सिस्टम से दिया जाएगा. पुराने लाइसेंस का रिन्यूअल इस बार नहीं होगा, लेकिन अगले साल से रिन्यूअल की सुविधा उपलब्ध होगी. आपको बता दें, इससे पहले भी 2018-2019 में शराब की दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया था. 


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कंपोजिट दुकानों के लिए नया लाइसेंस
यह नीति एक और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है. पहली बार प्रदेश में 'कंपोजिट दुकानों' को लाइसेंस दिए जाएंगे. यानी एक ही दुकान पर देसी, विदेशी शराब और बियर तीनों चीजें बिकेंगी. हालांकि, एक अहम शर्त यह होगी कि दुकानों में बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस फैसले के साथ सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये के राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले साल की तुलना में एक बड़ी छलांग है. 

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