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पहले फिसले और फिर गिरे नीतीश कुमार, बिहार सीएम को उठाने दौड़े सुरक्षाकर्मी, देखें वीडियो

Bihar News: पटना यूनिवर्सिटी के उद्घाटन समारोह में जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय मंच पर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी भी मौजूद थे.

पहले फिसले और फिर गिरे नीतीश कुमार, बिहार सीएम को उठाने दौड़े सुरक्षाकर्मी, देखें वीडियो

पटना यूनिवर्सिटी में मंच पर जाते समय सीएम नीतीश का पैर फिसल गया

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डीएनए हिंदी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) मंगलवार को पटना यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान मंच पर जाते समय उनका पैर फिसल गया और वो वहीं गिर गए. हालांकि, वहां मौजूद उनके सुरक्षाकर्मियों ने मंच से नीचे गिरने से पहले ही उन्हें संभाल लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सीएम नीतीश कुमार सुरक्षित हैं, उन्हें कोई चोट नहीं आई है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री जब मंच पर जा रहे थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया. हालांकि उनके साथ चल रहे सुरक्षा गार्ड्स ने सीएम को गिरने से पहले ही पकड़ लिया. उसके बाद उन्होंने कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रखा.

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समारोह में राज्यपाल भी थे मौजूद
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सीएम का संतुलन बिगड़ा कैसे था. पटना यूनिवर्सिटी के उद्घाटन समारोह में जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय मंच पर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी भी मौजूद थे.

सरकार ने छुट्टी कटौती का आदेश लिया वापस
वहीं, बिहार में सरकारी स्कूलों में छुट्टियों में कटौती के नीतीश सरकार ने वापस ले लिया है. शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पहले से घोषित अवकाशों की जगह रक्षा बंधन समेत कई छुट्टियों को खत्म करने संबंधी अपने आदेश को रद्द कर दिया. शिक्षा विभाग ने दो लाइन का आदेश जारी कर कहा कि 29 अगस्त को प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में छुट्टियां संबंधित आदेश को निरस्त किया जाता है. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त को आदेश जारी कर रक्षा बंधन, तीज, जन्माष्टमी और जीतिया जैसे पर्व की छुट्टियां रद्द करते हुए कई छुट्टियों में कटौती कर दी थी. इसका भाजपा के साथ-साथ शिक्षक संघ ने भी विरोध किया था.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दो दिन पहले इस आदेश को उचित ठहराते हुए कहा था, 'कोई पढ़ना चाहता है, इसमें कहां कोई बुराई है। हमलोग यही चाहते हैं कि सबकोई पढ़े तो इसी को लेकर ये सब चीज़ें हो रही हैं। इसमें कोई गलत बात कहां है. अधिकारी और विभाग जो उचित समझते हैं, फैसला लेते हैं. इसमें क्या गलत है। हमको आश्चर्य होता है कि इस पर विवाद क्‍यों हो रहा है. हम तो चाहते हैं कि पढ़ाई समय पर होती रहे. उन्होंने आगे यह भी कहा कि किसी को कोई शिकायत है तो हमसे आकर मिले.'

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