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सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका में पारदर्शिता होनी चाहिए इसलिए हमने कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी शुरू किया, लेकिन उसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. लोग छोटे-छोटे अंश का इस्तेमाल अपने निजी लाभ और व्यवसायिक फायदे के लिए करते हैं, इसे रोका जाना चाहिए.
'कॉकरोच' टिप्पणी को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने कहा है कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और दुर्भावनापूर्ण इरादे से उसका इस्तेमाल देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए किया गया. सोशल मीडिया पर कोर्ट की कार्यवाही के अंश को बिना पूरी जानकारी दिए पोस्ट किए जाने पर उन्होंने चिंता जताई है.
डीडी न्यूज के साथ इंटरव्यू में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही के कुछ अंश को बिना पर्याप्त संदर्भ के प्रसारित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण था और स्पष्ट किया कि इसमें शामिल लोगों के बारे में वह ऐसी चीजों की कल्पना भी नहीं कर सकते.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उसका गलत इस्तेमाल किया गया. जो बात मैंने कही ही नहीं उसे ऐसे दिखाया गया जैसे मैंने वही कहा हो. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. खासकर, यह देश के युवाओं को गुमराह करने की एक बड़ी और दुर्भावनापूर्ण कोशिश है.' उन्होंने कहा कि मीडिया को कानून और कोर्ट से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग जिम्मेदारी से करनी चाहिए. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'आप चाहे सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या किसी भी अन्य मीडिया से जुड़े हों या सिर्फ एक नागरिक होने के नाते भी हम सभी के कुछ अधिकार हैं और कुछ संवैधानिक कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी हैं.'
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'जब हम अधिकारों की बात करते हैं तो हम में अपनी जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता भी होनी चाहिए इसलिए मैं उनसे उनकी जिम्मेदारियों का ख्याल रखने का अनुरोध करूंगा. हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए कि समाज में सौहार्द बना रहे.'
सीजेआई ने अपने उस आदेश पर भी बात की, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कोर्ट प्रेसिडिंग्स के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना इजाजत प्रसारित करने, रीपोस्ट करने, अपलोड करने और उनसे पैसे कमाने पर रोक लगाने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यवसायिक लाभ कमाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में पारदर्शिता होनी चाहिए इसलिए हमने कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी शुरू किया, लेकिन उसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. लोग छोटे-छोटे अंश का इस्तेमाल अपने निजी लाभ और व्यवसायिक फायदे के लिए करते हैं, इसे रोका जाना चाहिए.
15 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने फर्जी डिग्री रखने वाले कुछ लोगों की तुलना कॉकरोच से की थी. उन्होंने कहा था कि ये व्यवस्था पर हमला करने के लिए सोशल मीडिया या सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता बन जाते हैं. उनकी इस टिप्पणी के बाद युवाओं में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली और इसके बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक अकाउंट बनाया, जिसके तेजी से फॉलोअर बढ़े. सीजेपी के नेतृत्व में ही नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय तक विरोध प्रदर्शन चला. इन प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
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