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Bihar election: चिराग पासवान की तेजी से एनडीए में क्यों है हलचल, जीतनराम मांझी की बढ़ी टेंशन

बिहार चुनाव से पहले एनडीए में चिराग पासवान की बढ़ती सक्रियता से जीतनराम मांझी की चिंता बढ़ गई है. मांझी ने भाजपा से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि भाजपा एकता का दावा कर रही है.

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Bihar election: चिराग पासवान की तेजी से एनडीए में क्यों है हलचल, जीतनराम मांझी की बढ़ी टेंशन

Bihar Election 2025 

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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है. खासकर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के अंदरूनी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की तेज सक्रियता और बढ़ती लोकप्रियता ने गठबंधन के अन्य दलों को चिंतित कर दिया है. हम पार्टी के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी इस बदलाव से सबसे ज्यादा बेचैन नजर आ रहे हैं. उन्होंने भाजपा से चिराग पर लगाम लगाने की मांग भी कर डाली है. 

नीतीश कुमार के गढ़ में चिराग 

बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में हलचल तेज हो गई है. चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) लगातार मैदान में सक्रिय है. हाल ही में आरा में हुई सभा में दलित, महादलित और सवर्ण समुदाय की भारी भागीदारी ने सभी को चौंका दिया. इस भीड़ से उत्साहित होकर चिराग ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही, हालांकि बाद में इसे गठबंधन की मजबूती के लिए तैयारी बताया. चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़ राजगीर में 29 जून को बड़ा कार्यक्रम 'बहुजन भीम संकल्प समागम' आयोजित करने की तैयारी कर ली है, लाखों लोगों के आने की उम्मीद है. 

सीट बंटवारे को लेकर भी किसी तरह की समस्या नहीं 

हम पार्टी को डर है कि चिराग की इस रफ्तार से उनका जनाधार खत्म हो सकता है, खासकर क्योंकि मांझी की राजनीति दलित वोटों पर आधारित रही है और अब वही वर्ग चिराग के साथ खड़ा नजर आ रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक मांझी ने दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात कर चिराग पर रोक लगाने की अपील की है. हालांकि, इस पूरे मामले पर भाजपा के बिहार प्रवक्ता मनोज शर्मा ने इस तरह के किसी भी आंतरिक मतभेद से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि राजग पूरी तरह एकजुट है और चुनाव की तैयारी में जुटा है. सीट बंटवारे को लेकर भी किसी तरह की समस्या नहीं है. 


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एनडीए में भीतरखाने की खींचतान तेज हो सकती है

बहरहाल, सच्चाई यही है कि अगर चिराग की लोकप्रियता इसी तरह बढ़ती रही, तो एनडीए में भीतरखाने की खींचतान और तेज हो सकती है.  चुनाव से पहले भाजपा को यह तय करना होगा कि वह अपने घटकों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखे. 

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