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चीन ने एक वीडियो जारी करते हुए दिखाने की कोशिश की है कि वह 'हाई-प्रिसिजन गाइडेड रॉकेट' से S-400 के रडार स्टेशन को निशाना बना सकता है. ये वीडियो PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड ने जारी किया है.
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने एक एक प्रोपेगैंडा वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में चीनी सेना ने अभ्यास के दौरान भारत के S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के सबसे मुख्य हिस्से, यानी 92N6E फायर-कंट्रोल रडार को नष्ट करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है. इस सिमुलेशन में PLA के PCL-191 लॉन्ग-रेंज मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) को भारत द्वारा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास तैनात S-400 "सुदर्शन चक्र" को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है. ये पूरी तरह से एक प्रोपेगैंडा वीडियो है लेकिन, इसमें चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि भारत के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में से एक को बेकार किया जा सकता है.
चीन ने इस काल्पनिक हमले के लिए अपने अत्यधिक उन्नत PCL-191 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) का उपयोग किया है. वीडियो में दिखाया गया है कि चीनी सेना ने 370mm के 'हाई-प्रिसिजन गाइडेड रॉकेट' से S-400 के रडार स्टेशन को निशाना बनाया. बता दें कि PCL-191 रॉकेट सिस्टम में 'एयर-बर्स्ट' क्षमता है. यह रॉकेट लक्ष्य के ठीक ऊपर हवा में ही फट जाता है, जिससे इससे निकला बारूद रडार के खुले हिस्सों और एंटीना को पूरी तरह बेकार कर देते हैं. PCL-191 को चीनी कंपनी 'नोरिनको' ने बनाया है. यह सिस्टम 350 किमी दूर तक आठ 370mm रॉकेट या फिर 500 किमी तक मार करने वाली दो 750mm 'फायर ड्रैगन 480' बैलिस्टिक मिसाइलें दाग सकता है. इसे चीन ने विशेष रूप से भारत और ताइवान की सीमाओं पर तैनात किया है. PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड के जिम्मे भी भारत से लगती सीमाओं को संभालना ही है.
🇨🇳 China Uses Artillery to Suppress Indian Air Defenses
— dana (@dana916) July 9, 2026
The PLA Western Theater Command has released footage from an exercise showing a PCL-191 multiple launch rocket system (MLRS) simulating the destruction of a 92N6E fire-control radar - part of the S-400 air defense system… pic.twitter.com/LzSnKkq8UA
युद्ध के दौरान किसी भी देश के एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के पहले निशाने पर रहते हैं. युद्ध के समय चीन ऐसी कोशिश जरूर करेगा लेकिन, भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए 'मिशन सुदर्शन चक्र' के तहत एक व्यापक सुरक्षा कवच तैयार कर रखा है. इसके तहत S-400 केवल लंबी दूरी के खतरों को रोकने के लिए है. यदि चीन कोई रॉकेट या ड्रोन S-400 की तरफ दागता है, तो S-400 के पास तैनात भारत की कम दूरी वाली मिसाइल प्रणालियां जैसे— MR-SAM, आकाश तरंग , और V-SHORADS उन रॉकेटों को S-400 तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर देंगी. S-400 के भारतीय वायुसेना ऑपरेट करती है और इसकी सुरक्षा का भी खूब ध्यान दिया जाता है. S-400 के रडार को पहाड़ी इलाकों में छुपाकर रखा जाता है. ये एक ट्रक बेस्ट मोबाइल सिस्टम है जिसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है. S-400 की लोकेशन का पता लगाना और इसे निशाना बनाना बेहद मुश्किल काम है.