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रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत से सीमा पर स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली.
Ministry of Defence's Annual Report 2025-26: रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना की मौजूदगी और 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई के बारे में कई जानकारियां दी गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में 'लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल' पर चीनी सैनिकों की तैनाती में काफी कमी आई है. इसमें ये भी बताया गया है कि मई 2025 में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के कई F-16 फाइटर जेट, एक एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कमांड (AEW&C) एयरक्राफ्ट और कई रडार साइट्स को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया था.
रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, PLA ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड-साइज के फार्मेशन तैनात किए हैं. 10 अन्य को सीमा से दूर पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में तैनात किया गया है. अनुमान है कि LAC पर इस समय 40,000–50,000 चीनी सैनिक तैनात हैं. इतनी ही संख्या में चीनी सैनिकों को अग्रिम मोर्चे से हटाकर पीछे ट्रेनिंग जोन में भेज दिया गया है.
चीन की एक कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में लगभग 5 हजार सैनिक होते हैं. गलवान झड़प के बाद चीन ने ऐसी 10 ब्रिगेड यानी कि लगभग 1 लाख सैनिक सीमा पर तैनात किए थे. अब ये संख्या आधी रह गई है. रक्षा मंत्रालय ने ये भी बताया है कि LAC के सभी सेक्टर में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत और अच्छी स्थिति में है. सेना किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय वायु सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया था. इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादियों द्वारा किए गए पहलगाम हमले के जवाब में, भारत ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमला किया. जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए, तो भारत ने भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए.
इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के नूर खान, रहीमयार खान और जैकोबाबाद के एयरबेस को निशाना बनाया और हैंगर के साथ-साथ एयरफील्ड पर भी हमले किए. IAF के अनुसार, जैकोबाबाद में चार एयरक्राफ़्ट हैंगर पर हमले किए गए और कई F-16, एक AEW&C एयरक्राफ्ट और अकिंसी (Akinci) व TB-2 क्लास के कई अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया.
323 पन्नों की सालाना रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात काबू में हैं और पत्थरबाजी की एक भी घटना दर्ज नहीं की गई है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2025 में नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की छह कोशिशें कीं. इन अभियानों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया. पिछले वर्षों की तुलना में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशों में कमी आई. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने आकलन किया कि आतंकियों ने अब अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है. इनमें मादक पदार्थों और युद्ध जैसी सामग्री की तस्करी की कोशिशें भी शामिल हैं. वर्ष 2025 में एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि देखी गई. यहां ऐसे कुल 163 मामले दर्ज किए गए.