Advertisement

Gujarat Election: जानें, हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात चुनावों की तारीखों की घोषणा क्यों नहीं हुई

आज का सबसे बड़ा सवाल है कि गुजरात चुनाव (Gujarat Election) की तारीखों की घोषणा क्यों नहीं हुई. इस मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है...

Gujarat Election: जानें, हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात चुनावों की तारीखों की घोषणा क्यों नहीं हुई

नरेंद्र मोदी और अमित शाह (फाइल फोटो)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: ऐसा माना जा रहा था कि चुनाव आयोग शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh Election) और गुजरात विधानसभा चुनावों (Gujarat Election) के लिए तारीखों की घोषणा एक साथ करेगा. लेकिन, नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार  (Chief Election Commissioner Rajiv Kumar)  ने सिर्फ हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की, गुजरात की नहीं. उन्होंने कहा कि हिमाचल में 1 चरण में चुनाव होंगे. 12 नवंबर को वोटिंग होगी और 8 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने जब उनसे यह सवाल पूछा तो चुनाव आयोग ने कहा कि उसने अपनी पिछली परंपराओं का पालन किया है. 

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी 2023 को समाप्त हो रहा है, जबकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी, 2023 को समाप्त हो रहा है. उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश के मौसम को ध्यान में रखकर हमने वहां की तारीखों की घोषणा की गई है. 

यह भी पढ़ें, मिशन गुजरात पर AAP, राघव चड्ढा पर केजरीवाल ने खेला दांव, क्या है BJP के खिलाफ नई रणनीति?

चुनाव आयुक्त ने कहा कि मौसम एक बड़ा कारण है. हम बर्फबारी शुरू होने से पहले हिमाचल में चुनाव कराना चाहते हैं. खासकर उन ऊपरी इलाकों में जहां भारी बर्फबारी होती है.

उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की विधानसभाओं की समाप्ति के बीच 40 दिनों का अंतर है. नियमों के मुताबिक, एक साथ चुनाव के लिए 30 दिन का अंतर होना चाहिए जिससे कि एक का परिणाम दूसरे को प्रभावित न करे. 

यह भी पढ़ें, हिमाचल प्रदेश में 1 चरण में वोटिंग, 12 नवंबर को मतदान, नतीजे 8 दिसंबर को आएंगे

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटों के लिए 55 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे. 1.86 लाख वोटर ऐसे हैं जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि हिमाचल 1.22 लाख ऐसे वोटर हैं जिनकी उम्र 80 के पार है. हिमाचल में 1,184 वोटर 100 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं.

गौरतलब है कि हिमाचल में 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 3 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement