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Bihar Assembly Election: मुख्य चुनाव आयुक्त 4-5 अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे, जहां राज्य के तमाम आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी. आयोग चुनाव तैयारियों और सुरक्षा का निरीक्षण करेगा. जिसके बाद तारीखों का ऐलान किया जा सकता है.
Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में तेजी आ गई है. इसी कड़ी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी 4 और 5 अक्टूबर को राज्य का दौरा करेंगे. इस दौरान आयोग की टीम प्रशासनिक, सुरक्षा और चुनावी तैयारियों का निरीक्षण करेगी। दौरा ऐसे समय हो रहा है जब आयोग 30 सितंबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आधार पर अंतिम मतदाता सूची जारी करने जा रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
इस दौरे का उद्देश्य राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना है. आयोग की टीम पटना में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर जमीनी हालात का आकलन करेगी. चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह दौरा चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. आयोग के उच्च स्तरीय अधिकारी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति का निरीक्षण करेंगे ताकि चुनाव सुचारू रूप से आयोजित हो सकें. इस दौरे का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 सितंबर को आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आधार पर अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा. विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि लाखों मतदाता इससे वंचित रह सकते हैं. हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है.
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सूत्रों के अनुसार, बिहार दौरे के बाद चुनाव आयोग कुछ ही दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है. पिछले चुनावों के अनुभव के आधार पर अनुमान है कि इस बार भी बिहार में तीन से चार चरणों में मतदान हो सकता है. आयोग को इस बार त्योहारों की चुनौती का भी सामना करना पड़ सकता है क्योंकि चुनावी प्रक्रिया दिवाली और छठ पर्व के बीच होगी. बिहार विधानसभा चुनावों का इतिहास चरणबद्ध मतदान का रहा है. 2020 में तीन चरणों में चुनाव हुए थे, जबकि 2015 में पांच और 2010 में छह चरणों में मतदान संपन्न हुआ था. 2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए थे, फरवरी और अक्टूबर में, दोनों में तीन-तीन चरणों में मतदान हुआ था. आयोग का यह दौरा सुनिश्चित करेगा कि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सहज रूप से सम्पन्न हो.
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