Advertisement

AI बना रहा 1980s की तस्वीरें, पर ChatGPT को फोटो देना पड़ सकता है भारी! जानें क्यों

एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि ऐसी तस्वीरें अपलोड करने से आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है और डेटा लीक या साइबर फ्रॉड का जोखिम बढ़ता है.

Latest News
AI बना रहा 1980s की तस्वीरें, पर ChatGPT को फोटो देना पड़ सकता है भारी! जानें क्यों

सांकेतिक तस्वीर (AI Image)

Add DNA as a Preferred Source

सोशल मीडिया पर एक नया खुमार छाया हुआ है. ChatGPT एक नया AI प्रॉम्प्ट लेकर आया है, जिससे लोग 1980 के दशक वाले स्टाइल में अपनी तस्वीरें बना रहे हैं. नियॉन लाइट्स, अतरंगी कपड़े और 80 के दशक वाले बड़े-बड़े हेयरस्टाइल वाली ये AI फोटोज इंटरनेट पर हर तरफ छाई हुई हैं. लोग बिना सोचे-समझे इस ट्रेंड का हिस्सा बन रहे हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि इस छोटी सी फन एक्टिविटी की आप क्या कीमत चुका रहे हैं?

हर बार जब कोई AI फोटो ट्रेंड वायरल होता है, तो उसके पीछे प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा का एक बड़ा खतरा छुपा होता है. अक्सर हम और आप जैसे आम लोग मजे-मजे में इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यह लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है.

नॉस्टैल्जिया के खेल में छुपा है बड़ा खतरा

यह समझना जरूरी है कि ChatGPT या कोई भी AI टूल हवा में फोटो नहीं बनाता. जब आप 80s वाले स्टाइल में अपनी फोटो मांगते हैं, तो पहले आपको अपनी असली तस्वीर वहां अपलोड करनी पड़ती है. 90 और 80 के दशक की पुरानी यादों के इस खेल में हम यह भूल जाते हैं कि हमारी अपलोड की गई फोटो का असल में क्या हो रहा है.

OpenAI जैसी कंपनियां अपनी नियम और शर्तों को इतने घुमावदार तरीके से लिखती हैं कि आम इंसान उन्हें पढ़ता ही नहीं. जब आप कोई फोटो अपलोड करते हैं, तो ये कंपनियां उसे अपने सर्वर पर स्टोर कर सकती हैं. इतना ही नहीं, भविष्य में अपने AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए भी आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

अगर आप यह सोचकर खुश हो रहे हैं कि AI ने आपके चेहरे की बारीक बनावट को इतनी सटीकता से कैसे पहचान लिया, तो समझ लीजिए कि यह कोई जादू नहीं है. आपने इससे पहले भी जो AI ट्रेंड्स फॉलो किए होंगे, यह टूल आपके उस पुराने डेटा का इस्तेमाल कर रहा है.

हैकिंग और साइबर फ्रॉड का शिकार होने की आशंका

जैसे ही आप अपनी पर्सनल फोटो किसी AI चैटबॉट को सौंपते हैं, आपका अपने डेटा पर से कंट्रोल खत्म हो जाता है. आगे चलकर अगर इन कंपनियों का डेटा लीक होता है या कोई हैकर इनके डेटाबेस में सेंध लगाता है, तो आपकी तस्वीरें गलत हाथों में पड़ सकती हैं.

आजकल चेहरे की पहचान से कई तरह के काम और वेरिफिकेशन होते हैं. ऐसे में आपकी प्राइवेसी लीक होने से साइबर अपराध का खतरा बढ़ जाता है. हैकर्स आपकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, आपके नाम से फर्जी आईडी बना सकते हैं, आपको ब्लैकमेल कर सकते हैं और यहां तक कि बैंक खातों में भी सेंध लगा सकते हैं.

इस जाल से कैसे बचें?

इस खतरे से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि ट्रेंड चाहे जितना भी वायरल हो जाए, अपनी पर्सनल तस्वीरें किसी भी AI टूल पर अपलोड करने से बचें. दोस्तों को देखकर या पीछे छूट जाने के डर में आकर अपनी प्राइवेसी को दांव पर न लगाएं. कोई भी AI ट्रेंड आपकी डेटा सिक्योरिटी से ज्यादा जरूरी नहीं हो सकता. 

ये भी पढ़ें- टैरिफ का दांव पड़ा उल्टा! डोनाल्ड ट्रंप कैसे बने BRICS को एकजुट करने वाली ‘कड़ी’?

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement