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Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री Shubhanshu Shukla अपनी टीम के साथ स्पेस के लिए रवाना हो चुके हैं. आइए जातने है कि ये अंतरिक्ष यात्री इस मिशन पर कौन-कौन से परिक्षण करने वाले हैं.
Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: Axiom-4 मिशन ने उड़ान भरते ही भारत के Shubhanshu Shukla ने इतिहास रच दिया हैं. एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla भारत के वे दूसरे यात्री बन गए हैं जो अंतरिक्ष यात्रा पर गए है. ये यूपी के लखनऊ के रहने वाले हैं. आज यानी 25 जून को अपने 3 अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इस मिशन के लिए भारतीय समयानुसार 12 बजकर 1 मिनट के लिए रवाना हो चुके हैं. लेकिन क्या आप जातने है कि ये सभी अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाकर कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट करने वाले हैं. आइए जातने हैं.
इस मिशन के जरिए ये सभी वैज्ञानिक अंतरिक्ष में 7 एक्सपेरीमेंट करने वाले हैं.
1. फसल बीजों पर अंतरिक्ष का प्रभाव- इस प्रयोग में छह प्रकार के फसल बीजों को अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी परिस्थितियों में रखा जाएगा. इसके बाद इन्हें पृथ्वी पर लाकर कई पीढ़ियों तक उगाया जाएंगा. इससे आनुवंशिक परिवर्तन, माइक्रोबियल लोड, और पोषण मूल्य का अध्ययन किया जाएगा, जो भविष्य में अंतरिक्ष में खेती के लिए महत्वपूर्ण हैं.
2. साइनोबैक्टीरिया का अध्ययन: इस एक्सपेरिमेंट के जरिए दो प्रकार के साइनोबैक्टीरिया की बृद्धि दर कोशिकीय प्रतिक्रियाएं, और जैव रासायनिक गतिविधियों का माइक्रोग्रैविटी में विश्लेषण किया जाएगा.
3. मांसपेशियों की पुनर्जनन: यह प्रयोग माइक्रोग्रैविटी में मानव मांसपेशियों की पुनर्जनन प्रक्रिया का अध्ययन करेगा.
HELLO CREW: @Axiom_Space #Axiom4 crew arrives to say see you later to family and friends before heading to @NASAKennedy Pad 39A. Video = GP @MyNews13 pic.twitter.com/YhiMQ9ifEj
— Greg Pallone (@gpallone13) June 25, 2025
4. अंकुर और खाद्य माइक्रोएल्गी की वृद्धि: इस प्रयोग में अंकुरों और खाद्य माइक्रोएल्गी की वृद्धि का अध्ययन होगा, इससे अंतरिक्ष में खाद्य उत्पादन के लिए एक टिकाऊ समाधान हो सकता है.
5. जलीय सूक्ष्मजीवों की जीविता: इस एक्सपेरिमेंट के जरिए छोटे जलीय जीवों की माइक्रोग्रैविटी में जीविता और व्यवहार का विश्लेषण किया जाएगा.
6. इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले के साथ मानव इंटरैक्शन: इस प्रयोग में माइक्रोग्रैविटी में इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले के साथ मानव बातचीत का अध्ययन होगा. इस प्रयोग से भविष्य में अतंरिक्ष में मशीनों के प्रयोग को बेहतर बनाने पर गौर किया जाएगा.
7. खाद्य और पोषण संबंधी एक्सपेरिमेंट: शुभांशु शुक्ला ISRO और भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के सहयोग से विकसित खाद्य और पोषण से संबंधित प्रयोग करेंगे.
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