भारत
चैटजीपीटी पर अब लोक फेक आईडी भी बना रहे हैं, जिससे निजता पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है. लोगों ने एलन मस्क लेकर सैम ऑल्टमैन तक के नकली आधार कार्ड बना डाले.
चैटजीपीटी दुनिया बदल रहा है लेकिन ये आविष्कार विनाश भी साबित हो सकता है. हाल ही में चैटजीपीटी की मदद से नकली आधार कार्ड, पैन कार्ड से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक बनाए जा रहे हैं. लोगों ने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से लेकर ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन तक के नकली आधार कार्ड बना डाले. ये आधार कार्ड देखने में बिल्कुल असली लगते हैं. अब लोग केवल घिबली एनिमे स्टाइल तक नहीं रुके हैं बल्कि नकली दस्तावेज भी बना रहे हैं. जब से चैटजीपीटी का फ्री इमेज टूल सभी यूजर्स के लिए आया है, लोग इसे काफी इस्तेमाल कर रहे हैं.
Ok, so ChatGPT can create Aadhaar images. Thats not the interesting thing. The interesting thing is where did it get the Aadhar photos data for training? pic.twitter.com/kb6lvuD04E
— nutanc (@nutanc) April 3, 2025
बता दें, बीते सप्ताह OpenAI ने अपने चैटजीपीटी टूल में एक नया फीचर 'क्रिएट इमेज' जोड़ा है. GPT-4o नाम का यह फीचर इमेज बना सकता है. यूजर्स को जैसे ही इस सुविधा के बारे में मालूम हुआ उन्होंने लगातार घिबली इमेजेस बनाने शुरू कर दिए. अब इस बताया जा रहा है कि लोग इस टूल का इस्तेमाल नकली आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस बना रहे हैं.
just the photo is bad, rest looks realistic. 😮 pic.twitter.com/eOYQlY8cyb
— Innocentgoku (@iGakureo) April 4, 2025
GPT-4o में तस्वीरें बिल्कुल ऐसी बनाई जा रही हैं जो असली जैसी दिखती हूं. उनमें पहचानना मुश्किल है कि असली तस्वीरें कौन सी हैं और नकली कौन सी. OpenAI ने स्वीकारा है कि नया मॉडल पिछले DALL-E model की तुलना में ज्यादा चुनौतीपुर्ण है. कंपनी ने कहा, 'DALL·E के विपरीत, जो एक प्रसार मॉडल के रूप में काम करता है, 4o छवि निर्माण एक ऑटोरिग्रैसिव मॉडल है जो मूल रूप से ChatGPT के भीतर एम्बेडेड है. यह मूलभूत अंतर कई नई क्षमताओं को पेश करता है जो पिछले जनरेटिव मॉडल से अलग हैं, और जो नए जोखिम पैदा करते हैं... ये क्षमताएं, अकेले और नए संयोजनों में, कई क्षेत्रों में जोखिम पैदा करने की क्षमता रखती हैं, जिस तरह से पिछले मॉडल नहीं कर सकते थे.'
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ChatGPT is generating fake Aadhaar and PAN cards instantly, which is a serious security risk.
— Yaswanth Sai Palaghat (@yaswanthtweet) April 4, 2025
This is why AI should be regulated to a certain extent.@sama @OpenAI pic.twitter.com/4bsKWEkJGr
एआई कंपनियों की तकनीक के दुरुपयोग को लेकर निजता को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं. वहीं, उन्होंने चेताया कि अब लोगों को अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड को लेकर सतर्कता बरतनी होगी. ऐसे में विशेषज्ञों ने सुझाया है कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें.
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