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CAG Report on Pension Bill: वेतन से ज्यादा पेंशन पर खर्च कर रहे केंद्र और ये 3 राज्य, CAG रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

CAG Report Pension Bill: CAG की रिपोर्ट में सामने आया है कि सभी पेंशन बिल उनके वेतन और मजदूरी बिल से अधिक है.

CAG Report on Pension Bill: वेतन से ज्यादा पेंशन पर खर्च कर रहे केंद्र और ये 3 राज्य, CAG रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

कैग रिपोर्ट में पेंशन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.

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डीएनए हिंदीः पेंशन को लेकर राजनीतिक दल लगातार मुद्दा बना रहे हैं. पेंशन (Pension Bill) को बंद करने को लेकर विरोध भी सामने आते रहते हैं. इसी बीच सामने आई कैग की एक रिपोर्ट (CAG Report) में बड़ा खुलासा हुआ है. इससे पता चलता है कि पेंशन को लेकर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. ना सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि कुछ राज्यों की सरकारें भी वेतन से ज्यादा पेंशन पर खर्च कर रही हैं. यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. 

CAG रिपोर्ट में क्या आया सामने?
पेंशन को बंद करने को लेकर राजनीति जारी है. पेंशन बिल 2019-20 में सामने आया कि केंद्र और गुजरात सहित तीन राज्यों के 'वेतन और मजदूरी' खर्च से पेंशन पर होने वाला खर्च अधिक था. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सामने आया कि 2019-20 के दौरान केंद्र सरकार ने वेतन और पेंशन को मिलाकर कुल 9.78 लाख करोड़ रुपये खर्च किए. इसमें 'वेतन और मजदूरी' पर होने वाला खर्च 1.39 लाख करोड़, 'पेंशन' पर होने वाला खर्च 1.83 लाख करोड़ रुपये और 'ब्याज भुगतान और कर्ज चुकाने' पर 6.55 लाख करोड़ रुपये शामिल था. यह खर्च उसके कुल राजस्व खर्च 26.15 लाख करोड़ रुपये का 37 प्रतिशत था. 

राज्यों की हालत भी हो रही खराब
पेंशन बिल 2019-20 में सामने आया कि गुजरात, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में वेतन और मजदूरी पर होने वाला खर्च पेंशन से भी अधिक हो गया. गुजरात में पेंशन बिल (17,663 करोड़ रुपये) वेतन और मजदूरी (11,126 करोड़ रुपये) पर खर्च का 159 प्रतिशत था. इसी तरह, कर्नाटक का पेंशन बिल (18,404 करोड़ रुपये) वेतन और मजदूरी (14,573 करोड़ रुपये) पर राज्य के खर्च का 126 प्रतिशत था. और पश्चिम बंगाल के लिए पेंशन बिल (17,462 करोड़ रुपये) वेतन और मजदूरी (16,915 करोड़ रुपये) पर खर्च का 103 प्रतिशत था.

पेंशन को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने
पेंशन को लेकर गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में इसे मुद्दा बनाया गया. बीजेपी ने भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का वादा किया है. इससे पहले कांग्रेस शासित दोनों राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान इसे पहले ही लागू कर चुके हैं. कई और राज्यों में भी इसी तरह ही मांग उठ रही है. सरकारों का मानना है कि इससे उसके खर्च पर बोझ पड़ता है. 

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