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Bihar exam fraud 2023: ED का एक्शन मोड, बिहार पुलिस भर्ती घोटाले में चार राज्यों में मारा छापा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2023 घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई, जिसमें एजेंटों, परीक्षा पेपर लीक सिंडिकेट के सदस्यों और उनके सहयोगियों से जुड़ी निजी संस्थाओं को निशाने पर लिया गया. 

Bihar exam fraud 2023: ED का एक्शन मोड, बिहार पुलिस भर्ती घोटाले में चार राज्यों में मारा छापा

Bihar exam fraud 2023

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2023 घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई, जिसमें एजेंटों, परीक्षा पेपर लीक सिंडिकेट के सदस्यों और उनके सहयोगियों से जुड़ी निजी संस्थाओं को निशाने पर लिया गया. 

पांच शहरों में एक साथ रेड 

 छापेमारी पटना और नालंदा (बिहार), रांची (झारखंड), लखनऊ (उत्तर प्रदेश) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के कम से कम एक दर्जन ठिकानों पर की गई. कोलकाता में उस प्रिंटिंग प्रेस को भी कवर किया गया जहां परीक्षा के पेपर छपे थे. बताया गया कि इस घोटाले के मास्टरमाइंड वही व्यक्ति हैं जो 2024 के NEET-UG पेपर लीक मामले में भी शामिल थे. 

कैसे हुआ घोटाला? 

बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का आयोजन 1 अक्टूबर 2023 को हुआ था, जिसमें 18 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए. लेकिन पेपर लीक की खबरों के बाद CSBC ने 3 अक्टूबर को परीक्षा रद्द कर दी. जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र छापने का ठेका कोलकाता की "कैलटेक्स मल्टीवेंचर प्राइवेट लिमिटेड" को दिया गया था, जो एक शेल कंपनी निकली. असल छपाई "ब्लेसिंग सिक्योर प्रेस" नामक कंपनी से करवाई गई, जिसकी डायरेक्टर आरोपी कौशिक कुमार कर की पत्नी थीं. 

 गोपनीयता की उड़ाई गई धज्जियां 

आप्रश्नपत्र को राज्य के ट्रेजरी में भेजने के बजाय पटना के एक निजी गोदाम में छह दिनों तक रखवाया और इस दौरान संजीव मुखिया गैंग के सदस्यों को पेपर लीक कर दिया. इसके बदले मोटी रकम वसूली गई. परीक्षा के दिन कई उम्मीदवार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते पकड़े गए. 

 नेशनल एग्जाम घोटालों से कनेक्शन 

ईडी की कार्रवाई से यह भी साफ हुआ कि आरोपी पूर्व में UPPSC और APPSC घोटालों में भी संलिप्त रहे हैं. अब यह मामला NEET-UG जैसे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं तक पहुंच चुका है, जिसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई है. 

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