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रामविलास पासवान के परिवार में एक बार फिर विवाद सामने आया है, जहां उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने पशुपति कुमार पारस और उनके परिवार पर घर से निकालने का आरोप लगाया है.
रामविलास पासवान के परिवार में एक नया विवाद सामने आया है. इस बार मामला पारिवारिक संपत्ति के विवाद का है, जिसमें स्वर्गीय रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि रामविलास के भाई पशुपति कुमार पारस और उनके परिजनों ने शहरबन्नी स्थित उनके आवास के कुछ हिस्सों में ताला लगा दिया और उन्हें घर से बाहर निकालने की कोशिश की. यह घटना तब सामने आया, जब राजकुमारी देवी ने अपने हिस्से की संपत्ति की मांग की और इसके बदले उन्हें घर से बाहर कर दिया गया.
राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया कि पशुपति कुमार पारस के परिवार ने पहले उनके खेतों पर कब्जा कर लिया और अब उनके आवास में ताला लगाकर उन्हें घर से बाहर करने की साजिश रची. उनका कहना है कि रामविलास पासवान के बड़े भाई होने का दावा करने वाले पशुपति पारस ने अपनी भाभी के साथ अन्याय किया है. उन्होंने कहा, 'हम चुपचाप रहे, लेकिन अब हम अपनी संपत्ति का हक चाहते हैं.'
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पासवान परिवार में विवाद हुआ है. पहले रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके भाई पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच पार्टी टूटने की स्थिति आ गई थी, जब पशुपति पारस ने पार्टी के सभी सांसदों को अपने साथ मिला लिया था. हालांकि, चिराग पासवान ने मजबूती से अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखी और अपनी पार्टी का नेतृत्व किया. राम विलास पासवान की पहली शादी 1960 में राजकुमारी देवी से हुई थी. बाद में उन्होंने राजकुमारी देवी को तलाक दिया और 1983 में रीना शर्मा से दूसरी शादी की. चिराग पासवान भी रीना शर्मा के बेटे हैं. हालांकि, राजकुमारी देवी को भी वह अपनी मां मानते हैं और उन्हें मिलने के लिए अक्सर शहरबन्नी जाते रहते हैं.
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चिराग पासवान की पार्टी वर्तमान में बिहार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत के रूप में जानी जाती है. हालांकि, पारिवारिक विवादों ने उनकी राजनीति को प्रभावित किया है, लेकिन वह अपनी पकड़ को बनाए रखने में सफल रहे हैं.