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Bihar: जिसकी मौत पर जमकर सड़क जाम और हंगामा तक हो गया, 70 दिन बाद जिंदा लौटा घर, हैरान कर देगी बिहार की ये घटना

दरभंगा में लापता हुआ लड़का 70 दिन बाद नेपाल से जिंदा लौटा. इससे पहले एक शव की पहचान उसी के रूप में कर दी गई थी, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार और प्रदर्शन तक हो चुका था.

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Bihar: जिसकी मौत पर जमकर सड़क जाम और हंगामा तक हो गया, 70 दिन बाद जिंदा लौटा घर, हैरान कर देगी बिहार की ये घटना
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Bihar News: बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती. 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़का लापता हो जाता है, कुछ दिन बाद एक अज्ञात शव मिलता है जिसे परिवार पहचान लेता है. अंतिम संस्कार हो जाता है, शव के साथ प्रदर्शन होता है, पुलिस और पब्लिक के बीच झड़प होती है, थाना प्रभारी सस्पेंड हो जाता है और सरकार मुआवजा तक दे देती है. लेकिन 70 दिन बाद वही 'मरा हुआ' लड़का अचानक अपने घर जिंदा लौट आता है. इस घटना ने पुलिस जांच और प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दरभंगा जिले के मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा निहालपुर गांव में रहने वाला 15 साल का भोलाराम 8 फरवरी 2025 को अचानक लापता हो गया था. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. कुछ दिन बाद एक कॉल आया जिसमें 45,000 रुपये की फिरौती मांगी गई. परिवार ने डर के मारे 5,000 रुपये भी ट्रांसफर कर दिए.

जब कहानी में आया ट्विस्ट 

इसके बाद 28 फरवरी को एक गंभीर रूप से घायल लड़का रेलवे ट्रैक पर मिला. उसका चेहरा बुरी तरह से जला हुआ और पहचान के लायक नहीं था. 1 मार्च को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने परिवार पर दबाव बनाया कि वह शव को पहचान लें और अंतिम संस्कार कर दें. मानसिक तनाव में आकर परिजनों ने शव को भोलाराम का मान लिया. घटना से नाराज गांववालों ने शव के साथ प्रदर्शन किया और पुलिस पर कार्रवाई की मांग की. इस बीच मुआवजे के तौर पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी गई. मामला शांत हो गया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.


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70 दिन बाद सही-सलामत वापस लौटा

70 दिन बाद जब भोलाराम नेपाल से सही-सलामत वापस लौटा, तो सब हैरान रह गए. दरभंगा सिविल कोर्ट में उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे अगवा किया और बेहोश करके नेपाल ले गए. एक दिन मौका मिलते ही वह भाग निकला और स्थानीय लोगों की मदद से परिवार से संपर्क किया. वीडियो कॉल पर उसकी पहचान पक्की होने के बाद परिवार नेपाल जाकर उसे वापस लाया. अब पुलिस मामले की दोबारा जांच कर रही है, कि असल में रेलवे ट्रैक पर मिला शव किसका था और भोलाराम का अपहरण किसने किया. परिवार मुआवजा राशि लौटाने की बात कर चुका है.

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