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कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने साफ किया कि अगर बिहार में महागठबंधन को बहुमत मिला, तो तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई कन्फ्यूजन नहीं है.
बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बार का विधानसभा चुनाव कई मायनों में खास माना जा रहा है. विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को लेकर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बड़ा बयान देकर चुनावी माहौल को गरमा दिया है.
कन्हैया कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर महागठबंधन को बहुमत मिलता है, तो मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे. उन्होंने जोर देकर कहा, “इस मुद्दे में कोई भ्रम या विवाद नहीं है.” ये बयान ऐसे वक्त आया है जब विपक्षी एकता और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
कन्हैया कुमार ने ये भी दावा किया कि इस बार बिहार में "परिवर्तन की हवा" पहले से कहीं ज्यादा तेज है. 2020 की तुलना में जनता के बीच बदलाव की चाह और भाजपा से नाराजगी स्पष्ट दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा को ये एहसास हो चुका है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मुद्दों को उछालना उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है.
कन्हैया ने कहा कि चुनाव में असली मुद्दे बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार हैं. मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा की रणनीति पहले समर्थन देकर फिर क्षेत्रीय पार्टियों को धीरे-धीरे खत्म करने की रही है.
कन्हैया ने महागठबंधन की तुलना कार के पुर्जों से करते हुए कहा, “कार चलाने के लिए ब्रेक, क्लच और रियर व्यू मिरर सभी जरूरी हैं.” उन्होंने माना कि आरजेडी बड़ी पार्टी है, लेकिन गठबंधन में सभी दलों की भूमिका महत्वपूर्ण है. विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी जैसे नेता भी अब महागठबंधन का हिस्सा हैं.
साल 2020 के चुनाव में आरजेडी 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि बीजेपी को 74 और जेडीयू को 43 सीटें मिली थीं. उस वक्त एनडीए सत्ता में आई थी. लेकिन इस बार समीकरण बदलते दिख रहे हैं.