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Bhopal-Ujjain Train Blast केस में बड़ा फैसला, NIA कोर्ट ने 7 आरोपियों को दी मौत की सजा

Death Sentence: मध्य प्रदेश के जबड़ी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में साल 2017 में धमाका हुआ था. इस केस में 9 लोग आरोपी बनाए गए थे.

Bhopal-Ujjain Train Blast केस में बड़ा फैसला, NIA कोर्ट ने 7 आरोपियों को दी मौत की सजा

Bhopal Ujjain Train Blast Case (File photo)

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डीएनए हिंदी: Lucknow NIA Court-  मध्य प्रदेश में 5 साल पहले भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट केस (Bhopal-Ujjain Passenger Train Blast Case) में अदालत ने बड़ा फैसला दिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की स्पेशल NIA कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले के 8 में से 7 आरोपियों को मृत्यु दंड दिया है. एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन नंबर 59320 में 7 मार्च, 2017 को उस समय धमाका हुआ था, जब ट्रेन सुबह 9.38 बजे मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में जबड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली थी. इस धमाके में किसी की जान नहीं गई थी, लेकिन 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस मामले की जांच पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने की थी, फिर जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने अपने हाथ में ले लिया था. जांच के बाद 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था. एक आतंकी सैफुल्लाह एनकाउंटर में मारा गया था. 

इन लोगों को दी गई है मौत की सजा

NIA कोर्ट ने इस मामले में मंगलवार को फैसले से पहले रात 8 बजे तक सुनवाई की. इसके बाद कोर्ट ने मोहम्मद फैसल, गौस मोहम्मद खान, मोहम्मद अजहर, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, सैयद मीर हुसैन, आसिफ इकबाल रॉकी को फांसी पर लटकाकर मृत्यु दंड देने की सजा सुनाई. एक आरोपी मोहम्मद आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास दिया गया है. फैसले के दौरान ये सभी आतंकी भी कोर्ट में मौजूद थे. 

इन सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत ने 5 साल पहले 21 मार्च, 2018 को आरोप तय कर दिए थे. इसके बावजूद सजा अब जाकर सुनाई जा सकी है. कोर्ट ने इन 8 आतंकियों को इस मामले में 24 फरवरी को दोषी घोषित कर दिया था. इसके बाद केवल सजा सुनाना बाकी रह गया था. 

महज 5.30 घंटे में हल हो गया था पूरा केस, रिटायर्ड IAF कर्मी निकला था मास्टरमाइंड

सटीक प्लानिंग के साथ ट्रेन में विस्फोट करने के बावजूद आतंकी ज्यादा नुकसान नहीं कर पाए थे. सबसे बड़ी बात ये रही कि घटना के महज 5.30 घंटे के अंदर पूरा केस हल हो गया. तेलंगाना पुलिस ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को खुफिया इनपुट दिए, जिसके बाद 7 मार्च, 2017 को ही दोपहर 1.30 बजे मध्य प्रदेश पुलिस ने पिपरिया में चलती बस से 3 युवक दबोच लिए. इन युवकों ने लखनऊ, कानपुर और इटावा में मौजूद अपने साथियों के नाम बताए. इसके बाद यूपी पुलिस की ATS टीम ने कानपुर से फैसल खान, इमरान और इटावा से फकरे आलम को पकड़ लिया. इनके पास लैपटॉप में ISIS से जुड़े वीडियो और दस्तावेज मिले.

कानपुर से ही भारतीय वायुसेना के रिटायर कर्मचारी मोहम्मद गौस खान को भी दबोचा गया, जो इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना गया. एक आतंकी सैफुल्लाह को लखनऊ के काकोरी में एनकाउंटर में मार दिया गया. इन सभी आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार मिले थे. सरकार ने 14 मार्च, 2017 को यह केस NIA को जांच के लिए सौंप दिया था.

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