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उपेंद्र कुशवाहा के पाले में पवन सिंह... तेज प्रताप बोले- इनका विवेक काम नहीं कर रहा, हर किसी के पैरों में गिर रहे

तेज प्रताप यादव ने कहा कि पवन सिंह कभी लखनऊ में हमारे पैर पर गिरे थे. लेकिन अब वो किसी और के पैर पक गिर रहे हैं. पवन सिंह एक कलाकार है. उनको कलाकारी करनी चाहिए.

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उपेंद्र कुशवाहा के पाले में पवन सिंह... तेज प्रताप बोले- इनका विवेक काम नहीं कर रहा, हर किसी के पैरों में गिर रहे

Pawan Singh met Upendra Kushwaha

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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इसको और हवा भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) ने दे दी. पवन सिंह ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) से मुलाकात की. जिसे मगध क्षेत्र में कुशवाहा और राजपूत समाज की वोटबैंक को एनडीए के पक्ष में जोड़ने की कवायद मानी जा रही है. इस पर लालू प्रसाद यादव के बड़े तेज प्रताप यादव ने तंज कसा है. 

तेज प्रताप यादव ने कहा कि पवन सिंह कभी लखनऊ में हमारे पैर पर गिरे थे. लेकिन अब वो किसी और के पैर पर गिर रहे हैं. पवन सिंह एक कलाकार है. उनको कलाकारी करनी चाहिए. कहां चुनाव के चक्कर में पड़ रहे हैं. ऐसा लगता है कि पवन सिंह का दिमाग और विवेक काम नहीं कर रहा है. हमारी पार्टी जमीन पर काम कर रही है.

पवन सिंह जैसे लोगों का यही काम

तेज प्रताप ने कहा कि कुछ लोगों का यही काम है. खासकर पवन सिंह जैसे लोगों का है. वो इस तरह के काम के लिए जाने जाते हैं. तेज प्रताप यादव को आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है. उन्होंने जनशक्ति जनता दल नाम से अलग पार्टी बनाई है. तेज प्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह ब्लैकबोर्ड के आने से बदलाव हो रहे हैं. लोग ब्लैकबोर्ड को आस की नजर से देख रहे हैं.

राजनीतिक एक्सपर्ट की मानें तो पवन सिंह की इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरा विधानसभा सीट से NDA प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की इच्छा को लेकर है. पवन सिंह लंबे समय से एनडीए समर्थक माने जाते रहे हैं और उन्होंने कई मौकों पर भाजपा व उसके सहयोगियों के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया है. अब जब बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो रही हैं, तो पवन सिंह भी राजनीतिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार दिख रहे हैं.

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आरा विधानसभा सीट पर पिछले 25 वर्षों में 20 साल तक भाजपा का कब्जा रहा है. यह भोजपुर का वहीं क्षेत्र है, जहां विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे पहले साल 2000 में सफलता मिली थी. तब से अमरेंद्र प्रताप सिंह ने यहां से जीत का चौका लगाया. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां से पांचवीं बार जीत हासिल की थी.

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