भारत
चौदह राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आज 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई गई है. परिवहन, बैंकिंग और बाजारों पर इसका असर पड़ सकता है, हालांकि आपातकालीन सेवाएं सुचारू रहेंगी.
आज, 12 फरवरी 2026 को भारत के विभिन्न हिस्सों में 'भारत बंद' का आह्वान किया गया है. संयुक्त किसान मोर्चा और 10 से अधिक प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन से यह हड़ताल आयोजित की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य नई श्रम संहिताओं और हालिया कृषि संबंधी विधेयकों का विरोध करना है.
सड़कों पर 'चक्का जाम' के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बाधा आ सकती है.
बसें और ऑटो-रिक्शा: हड़ताल समर्थित राज्यों में सरकारी बसें और ऑटो सेवाएं ठप रह सकती हैं.
ट्रेन और उड़ानें: रेलवे और हवाई सेवाएं अपने निर्धारित समय पर चलेंगी, लेकिन स्थानीय परिवहन न मिलने के कारण यात्रियों को स्टेशन या एयरपोर्ट पहुंचने में देरी हो सकती है.
निजी वाहन: सड़कों पर अवरोध की संभावना को देखते हुए निजी वाहनों से निकलने वालों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है.
बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख संगठनों (AIBEA, AIBOA और BEFI) ने इस हड़ताल का समर्थन किया है. इसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. एटीएम सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है, लेकिन शाखाओं में चेक क्लियरिंग और नकदी जमा जैसे कार्यों में देरी हो सकती है. कई राज्यों में खुदरा दुकानें और थोक मंडियां भी बंद रहने की संभावना है.
देश में स्कूलों के लिए कोई अधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की गई है. हालांकि, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थानीय समर्थन अधिक होने के कारण कई निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रह सकते हैं. अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल प्रबंधन से पुष्टि करने के बाद ही बच्चों को भेजें.
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