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Bhagat Singh Birth Anniversary: अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए बंदूकें बोना चाहते थे शहीद ए आजम भगत सिंह

Bhagat Singh Birth Anniversary: भगत सिंह की शहादत के बाद देश में क्रांति की मशाल और उग्र हो उठी थी. पढ़ें एक किस्सा उनके बचपन का.

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Bhagat Singh Birth Anniversary: अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए बंदूकें बोना चाहते थे शहीद ए आजम भगत सिंह

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह. (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: आज शहीद-ए-आजम भगत सिंह (Bhagat Singh) की 115वीं जयंती है. भगत सिंह को फांसी का फंदा चूमते हुए आज 91 साल से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन वो आज भी भारत और पाकिस्तान समेत दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में क्रांति पसंद युवाओं के लिए पोस्टर ब्वॉय बने हुए हैं. 

आखिर 23 साल के लड़के में ऐसा क्या था जिसपर इतनी किताबें लिखी गईं. उनके याद में इतने तराने गाए गए. आज भी वामपंथी पार्टियों के छात्र संगठन के सदस्य हर जलसे, जुलूस और सभाओं में ‘मेरा रंग दे बसंती चोला...‘ खूब जोश ओ खरोश के साथ गाते हुए मिल जाते हैं. 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने सभी दफ्तरों में दो महान व्यक्तित्व की फोटो अनिवार्य तौर पर लगवाई- पहली फोटो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और दूसरी भगत सिंह.

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पिता और चाचा की जेल से रिहाई वाले दिन पैदा हुए थे भगत सिंह

शहीद-ए-आजम का नाम भगत सिंह क्यों पड़ा, इसके पीछे भी एक शानदार वाकया है. भगत सिंह के पिता किशन सिंह और चाचा अजित सिंह जिस दिन जेल से रिहा हुए थे, उसी दिन वो पैदा हुए थे. उनकी दादी ने अपने पोते के पैदा होने पर खुशी से भरकर उन्हें गोद में उठाया और पुचकारते हुए कहा था कि तू बड़े भागांवाला भाग्यशाली है. यही वजह है कि शहीद ए आजम भगत सिंह का नाम भागांवाला से मिलता-जुलता नाम भगत सिंह रखा गया. 

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जाहिर सी बात है कि पूरा परिवार देश की आजादी की लड़ाई में शरीक था इसलिए दादा ने उनके जन्मदिन के कुछ दिनों बाद यह घोषणा कर दी कि मैंने अपने पोते को देश के लिए समर्पित कर दिया. 

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...जब उन्होंने पूछा कि खेत में बंदूक क्यों नहीं पैदा होते?

भगत सिंह बचपन में एक बार अपने चाचा के साथ खेत में गए. चाचा आम का पेड़ लगा रहे थे तब उन्होंने कौतूहलवश पूछा - चाचा ये पेड़ क्यों लगा रहे हो? चाचा ने उन्हें बताया कि कुछ सालों में ये पेड़ बड़े हो जाएंगे और इसमें फल आएंगे. उन्होंने चाचा से कहा- चाचा आप फिर बंदूके क्यों नहीं बोते? 

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दरअसल इस सवाल के पूछे जाने से कुछ दिनों पहले भगत सिंह ने अपने इसी चाचा के हाथों में बंदूक देखी और एक मासूम सा सवाल किया था कि आप इसका क्या करोगे? जवाब में चाचा ने कहा कि इन बंदूकों से स्वतंत्रता संग्राम लडूंगा और अंग्रेजों को देश से भगाउंगा. यह बात भगत सिंह के मन में घर कर गई कि अंग्रेजों को देश से भगाना है तो खूब सारी बंदूकों का होना जरूरी है.

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