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Bangalore Stampede: कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि स्डेडियम की क्षमता 30-40 हजार लोगों की थी, लेकिन स्टेडियम के बाहर 2.5 लाख लोगों की भीड़ पहुंच गई थी. हर कोई अंदर जाना चाहता था.
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में बुधवार को आरसीबी टीम के जश्न के दौरान भगदड़ मच गई थी. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हो गए. इस हादसे पर गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा के पूरे इंतेजाम किए गए थे, लेकिन अचानक स्टेडियम के बाहर ढाई लाख लोगों की भीड़ पहुंच गई. पुलिस आयुक्त, DCP और ACP सहित एक हजार पुलिस अधिकारी तैनात थे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 5,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए गए थे.
कर्नाटक हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी कामेश्वर राव और जस्टिस सीएम जोशी की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की. पीठ ने कहा कि बेंगलुरु में जश्न मानने के इरादे से त्रासदी हुई है. हम घटना के कारणों को जानना चाहते हैं. साथ ही यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या इस त्रासदी को रोका जा सकता था? भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों क्या कदम उठाने चाहिए. इस पर राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी ने कहा, 'सरकार हाईकोर्ट के सुझावों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. कोर्ट जो आदेश देगी उस पर हम अमल करने के लिए तैयार हैं.'
स्टेडियम के सभी गेट खुले थे
शशिकिरण शेट्टी ने बताया कि सरकार ने सुरक्षा की पूरी तैयारी की थी. करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पानी के टैंकर, एंबुलेंस, पुलिस सहित कई व्यवस्थाएं की गई थीं. स्डेडियम की क्षमता 30-40 हजार लोगों की थी, लेकिन स्टेडियम के बाहर 2.5 लाख लोगों की भीड़ पहुंच गई थी. हर कोई अंदर जाना चाहता था. क्योंकि एंट्री फ्री थी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि स्डेडियम में कुल 11 गेट हैं और सभी खुले थे. लेकिन भीड़ प्रमुख तौर पर तीन गेटों पर जमा हो गई थी.
सरकार के वकील ने कहा कि मामले में मजिस्ट्रेट जांच चल रही है. 15 दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी. जिन 11 लोगों की मौत हुई वह स्टेडियम के बाहर हुई. हाईकोर्ट ने दलील सुनने का बाद सरकार को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 10 जून को होगी.
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