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बिहार: बाहुबली अनंत सिंह के काफिले पर हमला, तड़ातड़ बरसी गोलियां, मोकामा में फैला तनाव

Attack on Bahubali Anant Singh: बिहार विधानसभा चुनाव 2005 में जदयू के टिकट पर मोकामा से पहली बार विधायक बनकर अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी.

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बिहार: बाहुबली अनंत सिंह के काफिले पर हमला, तड़ातड़ बरसी गोलियां, मोकामा में फैला तनाव

Bahubali Anant Singh

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बिहार के मोकमा में पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह के काफिले पर हमला हुआ है. सोनू-मोनू गैंग के शूटरों ने अनंत सिंह के काफिले पर करीब 60-70 राउंड फायरिंग की है. हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यह हमला उस समय हुआ जब अनंत सिंह नौरंगा जलालपुर गांव में लोगों की समस्या सुनने जा रहे थे. इस घटना के बाद मोकामा में तनाव का माहौल है. भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह शूटआउट वर्चस्व को लेकर हुआ है. बाहुबली अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच टकराव चल रहा है. हालांकि, बाहुबली के जेल से रिहा होने के बाद दोनों के बीच कुछ समय के लिए रिश्तों में सुधार भी हुआ था. इस गैंगवार के पीछे क्या कारण है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. पुलिस घटनास्थल पर जांच कर रही है और गोलीबारी करने वालों की तलाश की जा रही है.

2005 में पहली बार लड़ा था चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव 2005 में जदयू के टिकट पर मोकामा से पहली बार विधायक बनकर अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी. इसके बाद 2010 में वह दोबारा इसी सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. अनंत सिंह के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अच्छे रिश्ते थे, लेकिन 2015 में अचानक दोनों के रिश्ते बिगड़ गए. अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मोकामा विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.

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2015 में अनंत सिंह के पटना स्थित सरकार घर से कई प्रतिबंधित सामग्रियां बरामद हुई थीं, जिसके बाद उनका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में आया. इसके बावजूद 2015 के चुनाव में अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े और जीत हासिल की. साल 2020 में बाहुबली आरजेडी टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे, उस दौरान वह जेल में बंद थे. 

2022 में चली गई थी विधायकी
साल 2022 में अनंत सिंह को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया और उनकी विधायकी चली गई. इसके बाद उनकी पत्नी ने आरजेडी के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इस बाहुबली का राजनीतिक सफर विवादों और जेल की सजा से जुड़ा रहा है. उनका प्रभाव अब भी बिहार की राजनीति में कायम है और उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप भी हैं.

(With IANS input)

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