भारत
आज कल हर हाथ में स्मार्टफोन नजर आता है. सभी लोग टीवी या फिर स्मार्टफोन पर ओटीटी एप्स पर फिल्म और सीरियल देखना पंसद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके कोई खतरा भी हो सकता है.
अगर आपको फिल्म या टीवी देखना पंसद है तो ये सुनिश्चित कर लें कि आप जिस IPTV ऐप और सेट-टॉप बॉक्स अवैध रूप से आप तक पहुंच रहे हैं. क्योंकि एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई ने बड़े पैमाने पर अवैध इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (आईपीटीवी) ऑपरेशन का पर्दाफाश किया है जो विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर पायरेटेड सामग्री स्ट्रीम कर रहा था. मार्केट में बॉस आईपीटीवी, गुरु आईपीटीवी, टशन आईपीटीवी, ब्रैम्पटन आईपीटीवी, वॉयस आईपीटीवी, इंडियन आईपीटीवी, पंजाबी आईपीटीवी, एडमॉन्टन आईपीटीवी, बॉस एंटरटेनमेंट आईपीटीवी और अल्ट्रास्ट्रीमटीवी जैसे ब्रांड नामों के तहत काम करने वाले इस गैरकानूनी नेटवर्क को गंभीर कॉपीराइट उल्लंघन और डेटा गोपनीयता उल्लंघन में दबोचा गया है.
बिना लाइसेंस के चल रहा था करोबार
पुलिस के अनुसार, बिना उचित लाइसेंस या अनुमति हासिल किए ये सेवाएँ स्टार, ज़ी नेटवर्क, कलर्स, सोनी, सन नेटवर्क, ईटीवी, अहा, सोनीलिव के साथ-साथ नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो, हुलु और अंतर्राष्ट्रीय खेल लीग जैसे वैश्विक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के चैनलों और कार्यक्रमों सहित प्रीमियम भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सामग्री को अवैध रूप से प्रसारित कर रही हैं थी.
सरकारी जांच में हुआ खुलासा
सरकारी जाँच से पता चलता है कि ये प्लेटफ़ॉर्म कंटेंट मालिकों या प्लेटफ़ॉर्म को अधिकारों के लिए भुगतान नहीं करते हैं, जिससे एंटरटेनमेंट व्यापार में काफी नुकसान हो रहा है. IPTV पायरेसी के कारण वैश्विक दक्षिण एशियाई प्रसारण क्षेत्र को सालाना अनुमानित $200-$300 मिलियन का नुकसान होता है, जिसका असर YuppTV जैसे लाइसेंस प्राप्त प्लेटफ़ॉर्म पर पड़ता है.
इससे पहले भी मारा था छापा
पायरेटेड IPTV सेवाएँ अक्सर उपयोगकर्ता डेटा - जैसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी - एकत्र करती हैं और फ़िशिंग घोटालों, कर चोरी और संभावित रूप से ड्रग व्यापार और आतंकवाद सहित अन्य अवैध कार्यों को फंड करने से जुड़ी होती हैं. ये कार्रवाही पहली बार नहीं की गई है बल्कि इससे पहले 2021 में, YuppTV द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद, फरीदाबाद साइबर अपराध शाखा ने भारत में बॉस IPTV संचालन पर छापा मारा था, जिसके परिणामस्वरूप अवैध पायरेसी नेटवर्क से जुड़े छह व्यक्तियों की गिरफ़्तारी हुई थी.
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