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फर्टिलाइजर जिहाद क्या है? हिमंत बिस्व सरमा ने किया इसे खत्म करने का ऐलान

Fertilizer Jihad: असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि वह अपने राज्य से फर्टिलाइजर जिहाद को खत्म करेंगे और जैविक खेती को बढ़ावा देंगे.

फर्टिलाइजर जिहाद क्या है? हिमंत बिस्व सरमा ने किया इसे खत्म करने का ऐलान

Himanta Biswa Sarma

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डीएनए हिंदी: लव जिहाद का मुद्दा कई सालों से खूब चर्चा में है. अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक नए जिहाद का उल्लेख किया है. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि वह 'फर्टिलाइजर' जिहाद को खत्म करेंगे. जैविक खेती के फायदे गिनाते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए लेकिन इतना ज्यादा नहीं कि सबकुछ जहरीला हो जाए. यहां उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की भी जमकर तारीफ की जो कि जैविक खेती करते भी हैं और लोगों को बढ़ावा भी देते हैं.

गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर हिमंत बिस्व सरमा ने रासायनिक उर्वरकों से होने वाले नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि वह असम से फर्टिलाइजर जिहाद को खत्म करेंगे. उन्होंने बीजेपी के चुनावी वादों की भी याद दिलाई जिसमें इसे खत्म करने की बात कही गई थी.

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क्या है फर्टिलाइजर जिहाद?
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जब बीजेपी ने असम पर शासन करना शुरू किया तो हमने ही उल्लेख किया था कि उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से हृदय और किडनी के रोग जैसी कई घातक बीमारियां बढ़ती हैं. उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी असम में जैविक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है. हिमंत ने कहा कि उन्होंने डॉक्यूमेंट्री में देखा कि जमीन में इतनी संभावनाएं हैं कि अगर इसका कुशलतापूर्वक इस्तेमाल करने की कोशिश की जाए तो बिना यूरिया, फॉस्फेट और नाइट्रोजन के भी खेती की जा सकती है.

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दरअसल, रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से न सिर्फ फसल प्रभावित होती है बल्कि इससे जमीन की सेहत, उपजने वाले फसल को खाने वाले इंसानों और जानवरों की सेहत और पर्यावरण पर भी काफी गंभीर असर पड़ता है. इसी का जिक्र करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने तार्किक रूप से समझाया कि प्राकृतिक खेती काफी स्वास्थ्यप्रद है और उपज भी ज्यादा है.

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