Advertisement

नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूल चुकी बीजेपी नेता गिरफ्तार, पार्टी से भी निकाला गया

Assam BJP Leader: असम की एक बीजेपी नेता को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूल चुकी बीजेपी नेता गिरफ्तार, पार्टी से भी निकाला गया

Representative Image

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: असम में भारतीय जानता पार्टी (बीजेपी) की एक नेता को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. असम के कार्बी ऑन्गलॉन्ग जिले के इस नेता ने लोगों को सरकार नौकरी दिलाने का झांसा दिया और कई लोगों से कुल 9.52 करोड़ रुपये वसूल लिए. गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने इस महिला को पार्टी से निकालने का ऐलान कर दिया है. साथ ही, उसे पार्टी के सभी पदों से भी बर्खास्त कर दिया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के किसान मोर्चा विंग की नेता मून इंगटिपी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उसे उसके पद से हटाने के साथ-साथ पार्टी से भी निकाल दिया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें उसके खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं और एक आधिकारिक शिकायत के आधार पर उन्होंने जांच शुरू की है.

यह भी पढ़ें- गुजरात में बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान, 'पाकिस्तान को भी बना देंगे हिंदू राष्ट्र'

सबूतों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
कार्बी आंगलोंग जिले के एडिशनल एसपी नयन बर्मन ने कहा कि गिरफ्तारी करने के लिए हमें पर्याप्त सबूत मिले हैं. पुलिस टीम स्थिति को और अच्छी तरह से देख रही है. असम में विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर इंगतिपी ने कथित तौर पर कुछ लोगों से बड़ी रकम की मांग की, जिसके बाद यह मामला हाल ही में सामने आया. इंगतिपी पर कई लोगों से करीब 9.52 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है.

यह भी पढ़ें- सत्येंद्र जैन के सिर में चोट लगने से जम गया है खून का थक्का, इलाज के लिए बनाया गया मेडिकल बोर्ड

इस शख्स की धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों में से कुछ ने कहा कि इंगतिपी ने पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नाम का इस्तेमाल पैसे इकट्ठा करने के लिए किया था. एक पीड़ित ने संवाददाताओं को बताया, उसने यह भी कहा कि कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) तुलीराम रोंगहांग उसके करीबी दोस्त हैं. उसकी गिरफ्तारी के बाद बीजेपी की असम इकाई ने उसे किसान मोर्चा में उनके पद से बर्खास्त कर दिया और उसे पार्टी छोड़ने के लिए कहा. हालांकि, बीजेपी नेतृत्व मून इंगतिपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उन्हें हिरासत में लिए जाने पर चुप रहा.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement