भारत
असीम कुमार घोष को को हायर एजुकेशन में काफी प्रशासनिक अनुभव है. इसका फायदा हरियाणा सरकार को मिल सकता है. वहीं, गोवा के नए राज्यपाल पशुपति अशोक गजपति राजू ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को हरियाणा और गोवा के लिए राज्यपालों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है. प्रोफेसर असीम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल बनाया गया है. गोवा की कमान पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री पुष्पपति अशोक गजपति राजू को सौंपी गई है. इसके साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल (LG) बनाया गया है.
असीम घोष हरियाणा के 19वें राज्यपाल होंगे, जो बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. 15 जुलाई 2021 को बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था. 4 साल बाद हरियाणा में घोष के रूप में नए राज्यपाल की नियुक्ति हुई है. हालांकि, उनकी नियुक्ति राज्यपाल के संबंधित कार्यालयों का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी.
कौन हैं असीम घोष?
असीम घोष का जन्म 1944 में पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में हुआ. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हावड़ा विवेकानंद इंस्टीट्यूशन से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया और फिर कलकत्ता विश्वविद्यालय से इसी विषय में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की.
1966 से 2004 तक असीम घोष ने राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया. वे 1991 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े। 1996 में असीम घोष पश्चिम बंगाल में भाजपा के सचिव बने और 1998 में राज्य उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए. 1999 से 2002 तक उन्होंने अध्यक्ष के रूप में भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई का नेतृत्व किया.
2003 में उन्हें त्रिपुरा का प्रभारी बनाया गया. 2 साल तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली. वह 2004 से 2006 तक भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे.
2013 में असीम घोष को लोकसभा उपचुनाव लड़ने का मौका मिला. अंबिका बनर्जी के निधन के बाद पश्चिम बंगाल की हावड़ा सीट पर यह उपचुनाव हुआ, लेकिन उसमें वे हार गए थे. घोष कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे.
हालांकि,पिछले दिनों उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य के चुनाव में जिम्मेदारी निभाई थी. अपने लंबे राजनीतिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले असीम घोष आगे हरियाणा में राज्यपाल की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे.