भारत
INS Vikrant के कमीशन के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे.
डीएनए हिंदी: भारतीय नौसेना (Indian Navy) के युद्धपोत INS Vikrant का जीर्णोद्धार हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) में स्वदेश निर्मित जहाज को नौसेना के बेड़े में शामिल किया है. वहीं इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बड़ा हमला बोला है. साथ ही इस दौरान उन्होंने नौसेना में जहाजों की कमी को लेकर बड़ा हमला बोला है.
ओवैसी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि हमें ये भी सोचना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरे विमान वाहक की इजाजत क्यों नहीं दे रही है? ओवैसी ने कहा कि नेवी में हमें 200 जहाज की जरूरत है हमारे पास बस 130 हैं. इसकी इजाजत प्रधानमंत्री क्यों नहीं दे रहे हैं?
Hyderabad | While INS Vikrant was launched, we also have to think that we need a 3rd carrier aircraft but he (PM Modi) is not giving permission. That is because he has destroyed the economy of country & has no money. We need 200 ships, but only have 130: AIMIM chief A Owaisi pic.twitter.com/ngAPyPWg2n
— ANI (@ANI) September 2, 2022
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ओवैसी ने कहा है कि पीएम मोदी इसकी इजाजत इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को अपनी नीतियों से बर्बाद कर दिया है. उनके पास पैसे नहीं हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मुझे यह भी उम्मीद है कि यह आईएनएस विक्रांत पीएम मोदी को चीन के बारे में बोलने का साहस देगा जिसने हमारे क्षेत्र के 10 गांवों पर कब्जा कर लिया है. आशा है कि INS उन्हें संसद में चीन का नाम लेने के लिए पर्याप्त ताकत देगा."
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले स्वदेशी निर्मित विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ का जलावतरण किया था. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसे बड़े युद्धपोतों के निर्माण की घरेलू क्षमताएं हैं. गौरतलब है कि इस जहाज का नाम नौसेना के एक पूर्व जहाज ‘विक्रांत’ के नाम पर रखा गया है जिसने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी.
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जहाज की विशेषता की बात करें तो कुल 262 मीटर लंबा तथा 62 मीटर चौड़ा यह जहाज 28 समुद्री मील से लेकर 7,500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है. 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बना यह विमान वाहक जहाज अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसके भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद भारत की ताकत बढ़ गई है.
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