भारत
Asaduddin Owaisi: लोकसभा में ओवैसी ने सेना की तारीफ की लेकिन सरकार की नीतियों और पहलगाम हमले पर चुप्पी पर सवाल खड़े किए. उन्होंने विदेश नीति, अमेरिका की भूमिका और पाकिस्तान से रिश्तों पर खुलकर बोला.
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चल रही बहस के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने एक ओर भारतीय सेना की वीरता को सलाम किया, वहीं दूसरी ओर हाल ही में हुए पहलगाम हमले, अमेरिका की भूमिका और पाकिस्तान के साथ क्रिकेट जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए. ओवैसी ने कहा कि देश को कमजोर करने की साजिश चल रही है, लेकिन सरकार की नीतियों और रवैये में गंभीर विरोधाभास नजर आता है.
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के बीच असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कई तीखे सवाल पूछे. उन्होंने शुरुआत सेना की बहादुरी की तारीफ से की और कहा कि हमें गर्व है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरबेस को निशाना बनाकर अपना पराक्रम दिखाया. लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने सवाल खड़ा किया, जब हमारे जवान इतना कर सकते हैं, तो पहलगाम में हमारे 26 नागरिक क्यों मारे गए?
ओवैसी ने सरकार को याद दिलाया कि प्रधानमंत्री कहते हैं 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते', लेकिन फिर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच क्यों खेले जा रहे हैं? उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दोहरी नीति नहीं तो और क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्षविराम की घोषणा को लेकर ओवैसी ने कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, 'क्या हमारे देश के फैसले व्हाइट हाउस से होंगे? क्या एक गोरा अमेरिका में बैठकर हमारे युद्धविराम का एलान करेगा? क्या यही राष्ट्रवाद है? सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या भारत ने कभी चीन से यह पूछा कि वह पाकिस्तान को हथियार क्यों दे रहा है? ओवैसी ने एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर जवाबदेह ठहराना जरूरी है.
संसद में उन्होंने यह भी पूछा, 'हमारी सेना लाखों में है, फिर भी कुछ आतंकी घुस आते हैं और हम कुछ नहीं कर पाते. क्या सरकार इतनी हिम्मत रखती है कि वह पहलगाम में मारे गए लोगों के परिवारों से कह सके कि बदला ले लिया गया?
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