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'सही टाइम के हिसाब से खेला खेल, लेकिन 5 मिनट भी नहीं टिक सकेगा ये अध्यादेश', अरविंद केजरीवाल ने केंद्र को दी चुनौती

Arvind Kejriwal Press Conference: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस अध्यादेश को लाने के लिए केंद्र ने जानबूझकर गर्मी की छुट्टियों में सुप्रीम कोर्ट के बंद होने का इंतजार किया.

'सही टाइम के हिसाब से खेला खेल, लेकिन 5 मिनट भी नहीं टिक सकेगा ये अध्यादेश', अरविंद केजरीवाल ने केंद्र को दी चुनौती

Arvind Kejriwal

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डीएनए हिंदी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति से संबंधित केंद्र के अध्यादेश को असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. उन्होंने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार इस अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी.  केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सोची-समझी साजिश और टाइमिंग के तहत इस अध्यादेश को लेकर आई है. क्योंकि उन्हें पता है इस अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. ऐसे में उन्होंने गर्मियों की छुट्टियों में सर्वोच्च अदालत के बंद होने का इंतजार किया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार जानती है कि यह अध्यादेश अवैध है और सुप्रीम कोर्ट में 5 मिनट भी नहीं टिक पाएगा.  यही वजह है कि गर्मियों के अवकाश के लिए सुप्रीम कोर्ट के बंद होने के कुछ घंटे बाद ही केंद्र सरकार ने इस मामले में अध्यादेश जारी कर दिया. उन्होंने कहा कि यह शीर्ष अदालत की सीधी अवमानना है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार दिल्ली की AAP सरकार के काम में बाधा डालना चाहती है.

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सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र ने सेवाओं के मामले पर नियंत्रण को लेकर उच्चतम न्यायालय के साथ सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि यह अध्यादेश दिल्ली में निर्वाचित सरकार को सेवाओं के मामले में नियंत्रण देने वाले उसके फैसले को पलटता है. उन्होंने कहा, ‘सेवाओं के मामले में केंद्र का अध्यादेश असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.

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अध्यादेश के खिलाफ महारैली करेंगे केजरीवाल
उन्होंने इस अध्यादेश को संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से मिलेंगे कि संबंधित विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो पाए. उन्होंने कहा कि हम इस बारे में बात करने के लिए लोगों के पास जाएंगे और इसके खिलाफ एक महारैली भी आयोजित करेंगे.

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