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अन्ना यूनिवर्सिटी रेप केस: कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी ज्ञानशेखरन को 30 साल की सजा, 11 मामलों में पाया गया दोषी

Anna University Rape Case: यह मामला 23 दिसंबर 2024 का है. ज्ञानशेखरन ने अन्ना यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसकर 19 साल की इंजीनियर छात्रा के साथ रेप किया था.

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अन्ना यूनिवर्सिटी रेप केस: कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी ज्ञानशेखरन को 30 साल की सजा, 11 मामलों में पाया गया दोषी

Anna University Rape Case

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अन्ना यूनिवर्सिटी रेप मामले में चेन्नई की विशेष अदालत का फैसला आ गया है. कोर्ट ने सोमवार को आरोपी ए. ज्ञानशेखरन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.  अदालत ने ज्ञानशेखरन को यौन उत्पीड़न, बलात्कार, धमकी देने सहित सभी आरोपों में दोषी पाया है. आरोपी ने अपनी बुजुर्ग मां और 8 साल की बेटी की देखभाल के लिए घर पर रहने की जरूरत का हवाला देकर जमानत राहत पाने की कोशिश की.

कोर्ट ने ज्ञानशेखरन को 28 मई को दोषी ठहराया था और 2 जून तक सजा पर फैसले की बात कही थी. मामले में 29 गवाहों ने गवाही दी और पुलिस ने 100 पन्नों की चार्जशीट में ज्ञानशेखरन को रेप, धमकी देने और अश्लील वीडियो बनाने समेत कई मामलों में दोषी पाया.

यह मामला 23 दिसंबर 2024 का है. ज्ञानशेखरन ने अन्ना यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसकर 19 साल की इंजीनियर छात्रा के साथ रेप किया था. पीड़िता उस वक्त अपने दोस्त के साथ थी. आरोपी ने पहले दोस्त के साथ पिटाई की और फिर युवती का शोषण किया.

कैंपस में दोस्त के साथ बैठी थी लड़की
पुलिस को जांच में पता चला है कि लड़की कैंपस में रात 8 बजे अपने युवक दोस्त के साथ बैठी थी. तभी आरोपी ज्ञानशेखरन आया और उसने दोनों का अपने फोन में वीडियो बना लिया. इसके बाद युवक के साथ मारपीट करके उसे भगा दिया और लड़की को सुनसान जगह ले जाकर उसके संग रेप किया. इतना ही नहीं आरोपी ने धमकी दी कि वह जब भी उसे मिलने के लिए बुलाए तो उसे आना पड़ेगा. वरना वीडियो वायरल कर दिया जाएगा.

आरोपी ज्ञानशेखरन यूनिवर्सिटी कैंपस के पास बिरयानी बेचने का काम करता था. उसने पीड़िता को ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो बनाया था. पुलिस ने यूनविर्सिटी कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ज्ञानशेखरन को अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था. 

विधानसभा में हंगामा
आरोपी ज्ञानशेखरन को सजा के मामले में तमिलनाडु विधानसभा में सत्तारूढ़ डीएमके और मुख्य विपक्षी दल AIADMK के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. विधानसभा में विपक्ष के नेता एआईएडीएमके के. ई. पलानीस्वामी ने एमके स्टालिन सरकार पर मामले में कथित रूप से शामिल अन्य डीएमके नेताओं के बारे में पता लगाने के लिए जांच में जल्दबाजी करने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री स्टालिन ने जवाब दिया कि अदालत ने पुलिस की जांच की प्रशंसा की है और कहा कि इससे उन लोगों का पर्दाफाश हो गया है जो इस दुखद घटना से राजनीतिक लाभ उठाना चाहते थे.

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