भारत
कोरोना के केस मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में गाइडलाइंस जारी कर दी हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों व अस्पतालों में मास्क पहनना एक बार फिर अनिवार्य कर दिया है.
कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है. आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कड़पा जिले में कोविड-19 के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. रविवार (12 जुलाई 2026) तक जिले में कोरोना के 8 एक्टिव मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि संक्रमण की वजह से 2 लोगों की जान जा चुकी है. इस अचानक आए उछाल के बाद प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है और पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
कड़पा जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में दो पुरुषों की कोरोना के चलते मौत हुई है. पहला मामला राजमपेट इलाके का है, जहां एक 52 वर्षीय व्यक्ति को तेज बुखार और खांसी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
दूसरा मामला खुद कड़पा शहर का है, जहां अन्य बीमारियों से जूझ रहे 43 साल के एक व्यक्ति की सरकारी अस्पताल के कोविड आईसीयू में मौत हो गई. इसके अलावा, कड़पा मेडिकल कॉलेज की एक 25 वर्षीय मेडिकल छात्रा भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, जिसे फिलहाल होम आइसोलेशन में रखा गया है.
मेडिकल एक्सपर्ट्स और स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात कर दी हैं. संक्रमितों के संपर्क में आए करीब 40 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 18 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और बाकी की रिपोर्ट का इंतजार है. इसके साथ ही, वायरस के नए वेरिएंट और उसके फैलने के पैटर्न को समझने के लिए सैंपल्स को पुणे की लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है, ताकि सही मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके.
आंध्र प्रदेश की जिला प्रभारी मंत्री सविता ने इस मामले पर सीधे जिला कलेक्टर सीएच श्रीधर और स्वास्थ्य अधिकारियों से फोन पर बात कर सख्त निर्देश दिए हैं. सरकार ने भीड़भाड़ वाले इलाकों, सार्वजनिक जगहों और अस्पतालों में मास्क पहनना एक बार फिर अनिवार्य कर दिया है.
अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे सर्दी, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत आइसोलेट करें. इसके अलावा, संक्रमित मरीजों के पूरे परिवार की टेस्टिंग की जा रही है. प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव जैसे सैनिटाइजेशन के काम को तेज कर दिया गया है.
कड़पा की इस स्थिति को देखते हुए पूरे आंध्र प्रदेश के सभी जिला प्रशासनों को टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. अस्पतालों को बेड और मेडिकल ऑक्सीजन जैसी सुविधाओं के साथ तैयार रहने को कहा गया है. डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है. अगर किसी को भी कोरोना जैसे लक्षण दिखते हैं, तो वे तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें.
ये भी पढ़ें- ट्रक ड्राइवरों से बात करके मिला स्टार्टअप का आइडिया, फिर खड़ी कर दी अरबों की कंपनी