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दिल्ली के नजफगढ़ के पपरावट रोड पर एक मासूम बच्ची खुले मेनहोल में गिर गई. गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इस घटना ने एक बार फिर नगर प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है.
दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां पपरावट रोड पर एक मासूम बच्ची खेलते-खेलते खुले मेनहोल में जा गिरी, जिससे उसकी जान पर बन आई. यह हादसा एक बड़ा त्रासदी बन सकता था, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता ने बच्ची की जान बचा ली.
घटना के समय वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. उन्होंने रस्सी और अन्य संसाधनों की मदद से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला. गनीमत यह रही कि बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन मानसिक रूप से वह डर और सदमे में है.
प्रशासन की तरफ से ना तो कोई चेतावनी संकेत था, और ना ही मेनहोल को किसी ढक्कन या बैरिकेड से ढका गया था. यह घोर लापरवाही न केवल एक मासूम की जान पर भारी पड़ी, बल्कि पूरे मोहल्ले में डर का माहौल भी बना दिया.
यह कोई पहली घटना नहीं है. दिल्ली और देश के अन्य शहरों में खुले मेनहोल और अधूरी सड़कें आम होती जा रही हैं. जब भी मानसून आता है या निर्माण कार्य चलता है, इस तरह की लापरवाहियों की वजह से मौतें और हादसे बढ़ते हैं. हर बार प्रशासन कुछ दिनों के लिए सक्रिय होता है और फिर सब भूल जाता है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों को मेनहोल की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए शिकायत की है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अब लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और पूरे इलाके के मेनहोल को तत्काल सुरक्षित किया जाए.
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