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डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि हिसार की इस संस्था के पास 450 दुकानें थीं. इनके किराए से स्कूल का खर्च निकलता था. इसलिए बच्चों को बहुत ही मामूली फीस देनी पड़ती थी. लेकिन अब इन दुकानों के नाम पर 50 करोड़ को भ्रष्टाचार हो रहा है.
पूर्व राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने हिसार स्थित आर्य समाज सोसायटी के कामकाज और प्रबंधन में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने संस्था में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने आर्य समाज के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक सुधारों जैसे विधवा विवाह को प्रोत्साहन, पर्यावरण व धर्म को जोड़ना, घर-घर हवन परंपरा और शिक्षा का प्रसार का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी महान संस्था में वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया है.
डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि आर्य समाज ने धर्म का प्रचार किया. धर्म को प्रकृति से जोड़ा. कुरीतियों को दूर किया और विधवा महिलाओं के दोबारा विवाह को प्रोत्साहन दिया. शिक्षा को लेकर आर्य समाज ने सबसे ज्यादा काम किया. हिसार की इस संस्था के पास 450 दुकानें थीं. इनके किराए से स्कूल का खर्च निकलता था. इसलिए बच्चों को बहुत ही मामूली फीस देनी पड़ती थी. लेकिन अब इन दुकानों के नाम पर 50 करोड़ को भ्रष्टाचार हो रहा है. डॉ. सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा कि संस्था से जुड़ी कई जमीनें भी बेची गई हैं और कुल मिलाकर 700 से 800 करोड़ रुपये तक के भ्रष्टाचार की आशंका है.
ये भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गलत जानकारी देकर हिसार प्रशासन पर दबाव बनवाया, जिसके कारण प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहा है. प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद टी-मैन सोमेश सरपंच ने भी इस मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि यदि 23 जुलाई तक आर्य समाज के लिए प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) की नियुक्ति नहीं की गई तो 24 जुलाई से प्रदर्शन शुरू किया जाएगा.
सोमेश सरपंच ने मांग की कि संस्था में प्रशासक नियुक्त किया जाए, नया सदस्यता अभियान चलाकर स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों में विश्वास रखने वाले लोगों को जोड़ा जाए तथा नई समिति का गठन कर संस्था को पहले की तरह पारदर्शी और समाज के सहयोग से संचालित किया जाए. टी-मैन सोमेश सरपंच ने जो लोग आर्य समाज और स्वामी दयानंद के विचारों के समर्थक हैं उन्हें संस्था से जोड़ा जाए और नई कमेटी का गठन किया जाए. इस संस्था फिर से पहले की तरह चलाया जाए.
बता दें कि हिसार के आर्य समाज मंदिर सोसायटी के पास सीएवी स्कूल, डी.एन. मॉडल स्कूल और जगन्नाथ कन्या विद्यालय जैसे तीन प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं. बेहतर तरीके से स्कूल में बच्चों को शिक्षा मिल सके इसके लिए शहर के कुछ गणमान्य समाजसेवियों ने संस्था को दान भी दिए थे. उस दौर में राज्यसभा सांसद डॉ सुभाष चंद्रा ने भी बच्चों के खेल के मैदान के निर्माण के लिए अपने सांसद निधि से काम किए. शुरूआती दौर में तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन वक्त के साथ प्रबंधन के काम करने के तौर तरीके बदलते गए. प्रबंधन ने मनमाने फैसले लेने शुरू कर दिए.