भारत
बीते महीने अहमादाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी. जांच में सामने आया है कि दोनों पायलट पूरी तरह फिट थे और ड्रीमलाइनर उड़ाने के लिए क्वालिफाइड थे.
अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है. 12 जून की शाम को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही क्रैश हो गया था. इस हादसे में प्लेन में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं जिस जगह पर प्लेन क्रैश हुआ वहां मौजूद 34 लोगों ने भी इस हादसे में अपने जान गंवा दी थी. अब इस प्लेन क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है.
1. रिपोर्ट में सामने आया है कि प्लेन के टेकऑफ करने के कुछ सेकंड्स के बाद ही इंजन्स का फ्यूल सप्लाई बंद हो गया था. इंजन को फ्यूल की सप्लाई करने वाला बटन रन से कटऑफ पर स्विच हो गया था. कॉकपिट के ब्लैक बॉक्स में दोनों पायलटों की बातचीत रिकॉर्ड हुई है. इसमें एक पायलट पूछ रहा है- तुमने कट ऑफ क्यों किया. दूसरा बता रहा है कि उसने ऐसा नहीं किया है. शुरुआती जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे ये कहा जा सके कि किसी ने जानबूझकर ये हादसा करवाया. हालांकि, फ्यूल स्विच में खामी पाई गई है, रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने उड़ान से पहले इसकी ठीक तरीके से जांच नहीं की थी.
2. पूरा हादसा 32 सेकेंड्स के अंदर हुआ, टेकऑफ के बाद प्लेन केवल 32 सेकंड्स ही हवा में रहा. फ्यूल कट ऑफ होने के बाद पायलटों ने इंजन को दोबारा चालू करने की कोशिश की. इंजन वन थोड़ा-बहुत काम करने लगा था. लेकिन इंजन 2 रिकवर नहीं कर पाया. प्लेन की जांच में थ्रस्ट लिवर आइडल दिख रहा था, लेकिन ब्लैक बॉक्स में दिख रहा है कि टेकऑफ थ्रस्ट चालू था. इससे फेलियर की आशंका जताई जा रही है.
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3. जब इंजन को फ्यूल मिलना बंद हुआ तो Ram Air Turbine यानी RAT ऑटोमैटिकली काम करने लगा ताकि प्लेन को इमरजेंसी हाइड्रोलिक पावर मिल सके. एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि टेकऑफ के कुछ सेकंड्स के बाद ही RAT डिप्लॉय हो गया था. टेक ऑफ के लिए फ्लैप और गियर सेटिंग ठीक थी. न कोई बर्ड एक्टिविटी हुई और न ही मौसम खराब था.
4. प्लेन में जिस फ्यूल का इस्तेमाल हुआ था उसकी भी जांच की गई. रिपोर्ट में सामने आया कि फ्यूल पूरी तरह से सुरक्षित था और उसमें किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं की गई थी. प्लेन अपनी वेट लिमिट के दायरे में था और प्लेन में कोई खतरनाक सामान नहीं मिला है.
5. रिपोर्ट में सामने आया है कि दोनों ही पायलट्स की रिपोर्ट क्लियर थी. दोनों मेडिकली फिट थे और पर्याप्त आराम के बाद वो प्लेन चला रहे थे. दोनों पायलट्स के पास ड्रीमलाइनर उड़ाने का पर्याप्त अनुभव भी था.
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बोइंग की तरफ से एक स्टेटमेंट जारी किया गया. इसमें कहा गया कि बोइंग जांच में सहयोग जारी रखेगा. बोइंग के प्रेसिडेंट और सीईओ केली ऑर्टबर्ग ने कहा, 'मैंने एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से बात की है और अपने पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है. बोइंग टीम भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो का पूरा सहयोग करेगा.'
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