भारत
गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे में विश्वास कुमार रमेश जीवित बच गए हैं. वह सीट नंबर 11A पर सवार थे, लेकिन अक्सर ये सीट लेने से लोग डरते हैं. लोग इस सीट को पसंद नहीं करते आइए जानते है क्यों?
गुरूवार 12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में एक भयानक प्लेन हादसा हुआ, अहमदाबाद से लंदन के लिए जा रहा बोइंग 87 उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही क्रैश हो गया. इस हादसे प्लेन में सवार लोगो में एक यात्री जीवित बच गया. प्लेन में सवार सवार 40 वर्षीय व्यक्ति चमत्कारिक रूप से इस दुखद दुर्घटना में बच गया और उसे घायल अवस्था में बाहर निकलते देखा गया. विमान संख्या 11A में बैठे विश्वाश कुमार रमेश ने बताया कि वह अंतिम क्षण में बोइंग 787 विमान से कूदने में सफल रहा. विश्वास कुमार रमेश ने उड़ान भरने के बाद प्लेन में जो भी कुछ हुआ उसका साफ-साफ बताया.
उड़ान भरने से 30 सेकेंड के बाद ही शुरू हो गई थी परेशानी
उन्होंने बताया कि विमान के उड़ान भरने के बमुश्किल तीस सेकंड बाद ही समस्या शुरू हो गई थी, उसके बाद विमान के नीचे गिरने पर तेज़ आवाज़ आई. जिस सीट पर वह यात्रा कर रहे थे वह 11 A थी. देखते ही देखते उनकी ये सीट वायरल हो गई. कई लोग इस भाग्यशाली बता रहे है. लेकिन सोचने वाली बात है कि पिछली रिपोर्टों में अक्सर 11A को बोइंग 737 विमानों की सबसे नापसंद सीटों में सूचीबद्ध किया गया है. लेकिन ऐसा क्या है कि इस सीट को लेना लोग पसंद नहीं करते और इससे सबसे अधिक नफरत की जाती है.
क्यों खराब मानी जाती है ये सीट
अमेरिकन एयरलाइंस के फ्लाइट अटेंडेंट्स ने बताया था कि कि सीट 11ए और 11एफ, दो ऐसी सीटें हो सकती हैं जिन पर बैठने यात्री हमेशा बचते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस सीटों पर बैठने वाले यात्री विमान से उतरने वाले अंतिम यात्री हो सकते हैं. उनका कहना है कि यदी आप सीघ्र ही विमान से बाहर निकलता चाहते है. उन्होंने ये भी कहा है कि "यदि आप शीघ्र बाहर निकलना चाहते हैं, तो किसी भी कीमत पर पंक्ति 11 से बचें." ये सीट विमान के बीचोबीच होने के कारण यहां से कुछ भी ठीक से नहीं दिखाई देता. फ्लाइट रडार 24 के एक विशेषज्ञ ने बताया कि बोइंग के केबिन एयर कंडीशनिंग सिस्टम के कारण सीट 11A अक्सर खिड़की रहित होती है.
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