भारत
AIMIM नेता ने कहा, "मोदीजी क्या हो रहा है? कभी वंदे भारत ट्रेन से मवेशी कुचल जाते हैं. जब हम सूरत से 22-25 किलोमीटर दूर थे तो पत्थर लगा."
डीएनए हिंदी: AIMIM के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जिस वंदे भारत ट्रेन में गुजरात में सफर कर रहे थे, उस पर पथराव किया गया. हालांकि, पुलिस ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि सोमवार को हुई इस घटना के मामले में जांच जारी है। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि सोमवार शाम ट्रेन के सूरत पहुंचने से पहले घटना घटी जहां ओवैसी को राज्य में अपने चुनाव प्रचार के तहत एक रैली को संबोधित करना था.
गुजरात विधानसभा चुनाव के तहत एक दिसंबर और पांच दिसंबर को मतदान होगा. उन्होंने दावा किया, "असदुद्दीन ओवैसी साहेब, साबिर काबलीवाला साहेब, मैं और AIMIM के लोग वंदे भारत एक्सप्रेस में अहमदाबाद से सूरत जा रहे थे तभी कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके और उसके कांच टूट गए.
पढ़ें- वंदे भारत एक्सप्रेस से जानवरों को दूर रखने के लिए RPF कर रहा यह काम
हालांकि पश्चिम रेलवे के पुलिस अधीक्षक राजेश परमार ने मंगलवार को कहा कि भरूच जिले के अंकलेश्वर में पटरी के पास चल रहे इंजीनियरिंग के काम के कारण कुछ गिट्टियां ट्रेन की कांच की खिड़कियों में जाकर लगी थीं. उन्होंने कहा, "यह पथराव का मामला नहीं है."
उन्होंने यह भी कहा कि ओवैसी खिड़की से दूर बैठे थे. अधिकारी के अनुसार टूटी हुई खिड़की को बदला गया और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के एक अधिकारी घटना के मामले में जांच कर रहे हैं. पठान ने सूरत में सोमवार रात एक रैली में दावा किया कि एक के बाद एक करके दो पत्थर फेंके गए. उन्होंने दावा किया कि पत्थर इतने भारी थे कि खिड़की के कांच टूट गये जहां पास में ही ओवैसी और उनके साथी बैठे थे.
Video : पीएम मोदी ने वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
AIMIM नेता ने कहा, "मोदीजी क्या हो रहा है? कभी वंदे भारत ट्रेन से मवेशी कुचल जाते हैं. जब हम सूरत से 22-25 किलोमीटर दूर थे तो पत्थर लगा." उन्होंने कहा, "पत्थर भारी था जिसने कांच की खिड़की को तोड़ दिया. 10-15 सेकेंड बाद एक और पत्थर आकर गिरा. चाहे पत्थर फेंको, आग लगाओ, लेकिन हक की आवाज रुकेगी नहीं."
पठान ने कहा कि उनके पास घटना की तस्वीरें हैं. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर खिड़की के टूटे हुए कांच की तस्वीरें साझा कीं जिसमें ओवैसी और AIMIM के अन्य सदस्य बैठे दिख रहे हैं. हालांकि पुलिस अधीक्षक परमार ने कहा कि यह पथराव का मामला नहीं है.
पढ़ें- क्यों कमजोर है वंदे भारत एक्सप्रेस का फ्रंट, समझिए आधुनिक ट्रेन के डिजाइन में क्या है दिक्कत?
उन्होंने कहा कि RPF के छह जवान और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) के तीन जवान उस कोच के चारों दरवाजों पर खड़े थे जिसमें ओवैसी यात्रा कर रहे थे. परमार ने कहा, "ट्रेन धीरे चल रही थी क्योंकि इंजीनियरिंग से जुड़ा कामकाज हो रहा था। खिड़की पर कुछ आकर लगा, इसलिए कांच चटक गया."
पढ़ें- Vande Bharat Express: अब इस रूट पर चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, अगले महीने हो सकती है शुरुआत
(भाषा)
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.